
मुंबई बम ब्लास्ट 1993 के मामले में आरोपी इकबाल मिर्ची की विधवा हाजरा मेमन से घर लेने के माले में प्रफुल्ल पटेल को बड़ी राहत मिली है। मुंबई की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जब्त किए गए इस घर का वापस करने का आदेश दिया है। इस घर की कीमत करीब 180 करोड़ रुपए है। प्रवर्तन निदेशालय ने इसे तस्करों से संबंध और विदेशी मुद्रा हेरफेर अधिनियम में इसे जब्त कर लिया था।
गौरतलब है कि प्रफुल्ल पटेल राज्यसभा सांसद हैं और अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के संसदीय दल के नेता हैं। यह घर प्रफुल्ल पटेल की पत्नी वर्षा पटेल और उनकी कंपनी मिलेनियम डेवलपर के नाम पर हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया था कि इसे अवैध रूप से हासिल किया गया था। कोर्ट ने इस मामले में कहा कि यह संपत्तियां विदेशी मुद्रा हेराफेरी में शामिल नहीं थी और न ही यह मिर्ची से जुड़ी थी।
कौन था इकबाल मिर्ची?
इकबाल मिर्ची मुंबई ही नहीं देश का सबसे बड़ा ड्रग माफिया था। इसे डी कंपनी का बहुत ही खासमखास था। इस गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम का दाहिना हाथ माना जाता था। 1993 में मुंबई में एक के बाद एक हुए बम धमाके में भी इसका हाथ था। 2013 में लंदन में इस ड्रग माफिया की मौत हो गई।
ईडी ने जब्त की थी मिर्ची की संपत्ति
ईडी के कुर्की आदेश को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ जांच एजेंसी की कार्रवाई अवैध थी। कोर्ट ने कहा है कि सीजे हाउस में हाजरा मेमन और उनके दो बेटों की 14,000 वर्ग फुट की संपत्ति अलग से कुर्क की गई थी। इसलिए पटेल की 14,000 वर्ग फुट की संपत्ति की कुर्की की आवश्यकता नहीं थी। यह अपराध की आय का हिस्सा नहीं है।
हमलावर हुआ विपक्ष
प्रवर्तन निदेशालय के खिलाफ फैसले को लेकर विपक्ष ने तीखी आलोचना की है। भाजपा पर वाशिंग मशीन के आरोपों को फिर से दोहराते हुए कहा कि इस निदेशालय की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हो रहा है। संजय राउत ने कहा अब कोई संदेह नहीं कि ईडी,सीबीआई दोनों ही भाजपा के ही अंग हैं। हमारे पास कोई अवैध संपत्ति नहीं थी। फिर भी उन्हें जब्त कर लिया गया।
Updated on:
08 Jun 2024 11:40 am
Published on:
08 Jun 2024 11:17 am
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