नई दिल्ली

ओडिशा के 10 जिलों में बाढ़ जैसे हालात, ODRAF और NDRF की टीमों को किया गया तैनात

मुख्यमंत्री पटनायक ने बाढ़ प्रभावित दस जिलों के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। प्रभावित जिलों में आवश्यकता अनुसार स्कूल व शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उन्हें पर्याप्त राहत मुहैया कराने को भी कहा है।

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Flood-like situation looms over 10 Odisha districts, ODRAF and NDRF teams stationed in these districts

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को भारी बारिश के कारण पैदा हुई बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। सीएम पटनायक ने अधिकारियों को सतर्क रहने और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाने को कहा है। महानदी के ऊपरी और निचले जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण ओडिशा के 10 जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सीएम ने अधिकारियों को 'शून्य हताहत' सुनिश्चित करने औ जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए लोगों को सुरक्षित निकालने का निर्देश दिया।

बाढ़ की स्थति की समीक्षा बैठक करते हुए सीएम ने महानदी प्रणाली में स्थित 10 जिलों के कलेक्टरों को अगले 48 घंटों तक सतर्क रहने का निर्देश दिया, जो की बाढ़ स्थिति से निपटने के लिए काफी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। सीएम ने सभी आपदाओं के लिए राज्य सरकार की नीति 'हर जीवन कीमती' को ध्यान में रखते हुए ये कदम उठाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उन्हें पर्याप्त राहत मुहैया कराने को भी कहा है। साथ ही सभी जिला कलेक्टरों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को पर्याप्त पका हुआ खाना और दवाइयां उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है।

बता दें, राज्य में भारी बारिश को देखते हुए संबलपुर, सोनपुर, बौध, अंगुल, नयागढ़, कटक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, पुरी और खुर्दा जैसे जिलों में बाढ़ का भय बना हुआ है। वहीं, बाढ़ से बचने के लिए मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव अभियान चलाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) और सेंसिटिव एरिया में अग्निशमन की टीमों की तैनाती पर भी जोर दिया है।

स्पेशल रिलीफ कमिश्नर पी.के. जेना के अनुसार, "7 जिलों में ODRAF की 9 टीमों की तैनाती की गई है, जबकि NDRAF की 9 टीमों को 6 जिलों में तैनात किया गया है। दमकल विभाग की करीब 44 टीमों को बाढ़ के मद्देनजर अलर्ट पर रखा गया है।" उन्होंने कहा बाठ से निपटने के लिए हीराकुंड बांध के 64 स्लुइस गेटों में से 31 को जलाशय से बाढ़ के पानी के डिस्चार्ज के लिए खोल दिया गया है। जेना ने कहा कि जिला अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर संवेदनशील क्षेत्रों में स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के लिए कहा गया है।

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Published on:
16 Aug 2022 09:56 pm
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