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G-20 संस्कृति कार्य-समूह की बैठक वाराणसी में शुरू, नौ देशों के 170 प्रतिनिधि ले रहे भाग

G- 20 Summit Varanasi: दुनिया भर से आए 170 प्रतिनिधियों ने सारनाथ बौद्ध स्तूप का दर्शन किया, वाराणसी की गलियों में में भी घूमे।

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G-20 Culture Working Group meeting start in varanasi 170 delegates from nine countries participating

170 देशों के प्रतिनिधि वाराणसी आ कर रोमांचित हुए।

नई दिल्ली। अनुराग मिश्रा: जी-20 संस्कृति कार्य-समूह की चौथी बैठक के दूसरे दिन दुनियाभर से आए 170 प्रतिनिधियों ने वाराणसी की सुबह का आनंद लिया। इन प्रतिनिधियों ने बैठक के दूसरे दिन महात्मा बुद्ध की ज्ञान प्रसार भूमि सारनाथ जाकर वहाँ के ऐतिहासिक महत्व को समझा। सम्राट अशोक की सिंहचतुर्मुख राजधानी सारनाथ के सुंदर इतिहास को जानने का अवसर मिला।

इस सम्मेलन का समापन 26 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों की बैठक के साथ होगा। इस बैठक में जी-20- देशों, 9 आमंत्रित देशों और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव लिली पांडे ने कहा कि खजुराहो, भुवनेश्वर और हम्पी में पूर्व में होने वाली तीन सीडब्लूजी बैठकों तथा चार वैश्विक विषयगत वेबिनारों की सफलता के क्रम में सीडब्लूजी की चौथी बैठक वाराणसी में रखी गई। इसका लक्ष्य नीति-निर्माण के केंद्र में संस्कृति को रखकर कारगर परिणामों को प्राप्त करना है।

सीडब्ल्यूजी के दौरान प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेषज्ञ-संचालित वैश्विक विषयगत वेबिनार के विचारों और सिफारिशों को ‘जी-20 कल्चरः शेपिंग दी ग्लोबल नैरेटिव फॉर इंक्लूसिव ग्रोथ’ (जी-20 संस्कृति: समावेशी विकास के लिए वैश्विक विमर्श को आकार देना) नामक एक व्यापक रिपोर्ट में शामिल किया गया है। इस रिपोर्ट को भारत की जी-20 अध्यक्षता में संस्कृति कार्य- समूह द्वारा संस्कृति मंत्रियों की बैठक के एक भाग के रूप में वाराणसी में जारी किया जाएगा।

वाराणसी में संस्कृति मंत्रियों की बैठक का उद्देश्य भारतीय अध्यक्षता के तहत व्यक्त किए गए चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर प्रगति के सिलसिले में सामूहिक कार्यों में तेजी लाना होगा। इसके जरिये सांस्कृतिक संपत्ति का संरक्षण और पुनर्स्थापना, एक सतत भविष्य के लिए मौजूदा विरासत का उपयोग, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने तथा रचनात्मक अर्थव्यवस्था, संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों से लाभ उठाने के काम को बढ़ावा दिया जायेगा।

'कल्चर यूनाइट्स ऑल' डाक टिकट को सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतिनिधित्व करने और सांस्कृतिक संदर्भ स्थापित करने के लिए कनेक्टिविटी, संचार और यात्रा सम्बंधी विचारों को मिलाकर एक विशिष्ट प्रतीक के रूप में तैयार किया गया है।


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