पीड़िता के पिता ने कहा कि जैसे ही आरोपियों ने मेरी बच्ची को घेर लिया। उसका दोस्त वहां से भाग गया। मेरी बेटी इस वक्त बहुत दर्द में है। वह चल भी नहीं सकती है। वह अस्पताल में बिस्तर पर है। हम उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। हमें डर है कि वह उसे मार सकते हैं। हम बेटी को ओडिशा वापस ले जाना चाहते हैं। हमारा पश्चिम बंगाल पर से विश्वास उठ गया है। वह ओडिशा में पढ़ाई कर सकती है। इधर, ओडिशा सरकार द्वारा गठित टीम पीड़िता से मिलने के लिए पहुंची, लेकिन दुर्गापूर के प्रशासन ने उन्हें मिलने नहीं दिया।