
मेडिकल कॉलेजों में इस साल ज्यादा छात्रों को प्रवेश के मौके मिलेंगे क्योंकि एमबीबीएस की 6872 सीटें बढ़ गई हैं। बीते वर्ष कुल 1,08,940 थीं, जो इस वर्ष बढ़ 1,15,812 हो गई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को मीडिया ने को मंत्रालय की 100 दिन की ने उपलब्धियां बताई। उन्होंने कहा कि ने वर्ष 2023-24 में 706 मेडिकल कॉलेज थे। 2024-25 के दौरान ना इनकी संख्या बढ़कर 766 हो गई है। इनमें 423 सरकारी एवं 343 निजी मेडिकल कालेज हैं।
उन्होंने कहा कि एमबीबीएस के साथ ही पीजी सीटों में भी इजाफा हुआ है। मेडिकल की पीजी दो सीटें गत वर्ष 69,024 थीं, जो इस वर्ष 73,111 हो गई। उन्होंने कहा कि 2013-14 में एमबीबीएस की सीटें 51,348 थीं और मेडिकल कॉलेज 379 थे। तब पीजी की सीटें 31,185 थी। एनडीए शासन में मेडिकल सीटें एवं कालेज दोगुने से भी ज्यादा बढ़े हैं।
नड्डा ने कहा, एम्स में ड्रोन सेवाओं की मंजूरी दी गई है। इससे रक्त के नमूने एकत्र करना, रिपोर्ट भेजना तथा चिकित्सकीय सामानों की आपूर्ति होगी। एम्स एवं अन्य शीर्ष संस्थानों के 25 किमी. के दायरे में ड्रोन लोगों को ये सेवाएं देंगे। उन्होंने कहा, डॉक्टरों के पंजीकरण के आंकड़े एक पोर्टल पर लाने को डिजिटल स्वरूप में नेशनल मेडिकल रजिस्टर आरंभ किया गया है।
जेपी नड्डा ने कहा कि मोदी 3.0 सरकार में स्वास्थ्य मंत्रालय ने सौ दिनों के भीतर कई अहम फैसले लिए हैं। इनमें 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा देना भी शामिल है। इस योजना को लागू करने की तैयारियां चल रही हैं तथा इसका शुभारंभ अक्तूबर में होगा।
Updated on:
21 Sept 2024 07:49 am
Published on:
21 Sept 2024 07:49 am
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