
IMF On Indian Economy: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पिछले तीन महीने में दूसरी बार 2023-24 के लिए भारत के GDP ग्रोथ रेट के अनुमान को बढ़ाया है। 10 अक्टूबर को जारी हुए World Economy Outlook रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जीडीपी ग्रोथ मौजूदा वित्त वर्ष में 6.3 फीसदी रह सकती है। IMF द्वारा जुलाई के अंत में किए गए पिछले अनुमान से करीब 0.2% अधिक है। आईएमएफ ने अपने वार्षिक प्रकाशन वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में कहा, "भारत में विकास दर 2023 और 2024 दोनों में 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह अप्रैल-जून के दौरान उम्मीद से अधिक खपत को दर्शाता है।"
IMF का अनुमान जानिए
आईएमएफ ने जुलाई में इस वर्ष के लिए भारत के लिए अपना विकास पूर्वानुमान 20 आधार अंक बढ़ाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया था और अब इसे दूसरी बार बढ़ाया है। इसके साथ ही दोनों बहुपक्षीय वित्तीय एजेंसियों का विकास पूर्वानुमान भारतीय रिजर्व बैंक के 6.5 प्रतिशत के अनुमान के करीब पहुंच गया है।
आईएमएफ का नवीनतम विकास पूर्वानुमान 31 अगस्त को सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के लगभग एक महीने बाद आया है, जिसमें दिखाया गया है कि अप्रैल-जून में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आईएमएफ ने रियल एस्टेट क्षेत्र में गिरावट का हवाला देते हुए चीन के लिए विकास पूर्वानुमान को 2023 के लिए 20 आधार अंक घटाकर 5 प्रतिशत और 2024 के लिए 30 आधार अंक घटाकर 4.2 प्रतिशत कर दिया।
आईएमएफ ने कहा, "चीन में, 2022 में महामारी से संबंधित मंदी और रियल स्टेट के संकट ने उत्पादन घाटे में लगभग 4.2 प्रतिशत का योगदान दिया है। अन्य उभरते बाजार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में और भी कमजोर सुधार देखा गया है, विशेष रूप से कम आय वाले देश में।
प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे मजबूत सुधार अमेरिका में हुआ है, जहां 2023 में जीडीपी कोविड से पहले के जीडीपी से ऊपर जाने का अनुमान है। यूरो क्षेत्र में सुधार हुआ है, हालांकि कम मजबूती से - उत्पादन अभी भी महामारी-पूर्व अनुमानों से 2.2 प्रतिशत कम है। यह यूक्रेन में युद्ध का जोखिम और संबंधित प्रतिकूल व्यापार शर्तों का झटका, साथ ही आयातित ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी को दिखाता है।"
Published on:
11 Oct 2023 08:47 am

बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
