ब्रिटिश काल में शहरों को योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया था। सिविल लाइन्स वह क्षेत्र होता था जहां उच्च प्रशासनिक अधिकारी जैसे कलेक्टर, जज और कमिश्नर रहते थे। इन इलाकों में चौड़ी सड़कें, बड़े बंगले और व्यवस्थित कॉलोनियां बनाई जाती थीं। इसके अलावा क्लब, चर्च, अदालत और प्रशासनिक दफ्तर भी इसी क्षेत्र में होते थे। इसके विपरीत मिलिट्री लाइन्स सेना के लिए होती थीं और पुराना शहर स्थानीय भारतीय आबादी का क्षेत्र होता था।