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Nuh Violence: नूंह हिंसा को लेकर खट्टर सरकार की बड़ी कार्रवाई, DC और SP के बाद अब DSP का तबादला, जिले में आज तक इंटरनेट बैन

Action After Nuh Violence: खट्टर सरकार ने नूंह हिंसा के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए DC और SP के ट्रान्सफर के बाद अब DSP का भी ट्रांसफर कर दिया है। उनके स्थान पर नए DSP की बहाली भी हो गई है।

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 नूंह हिंसा को लेकर खट्टर सरकार की बड़ी कार्रवाई, DC और SP के बाद अब DSP का तबादला, जिले में आज तक इंटरनेट बैन

नूंह हिंसा को लेकर खट्टर सरकार की बड़ी कार्रवाई, DC और SP के बाद अब DSP का तबादला, जिले में आज तक इंटरनेट बैन

Action After Nuh Violence: नूंह में 31 जुलाई को शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा को लेकर हरियाणा सरकार लगातार एक्शन में है। पहले तो जिन इलाकों में यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर पथराव हुआ था उन इलाके के घरों को चिन्हित कर उसपर बुलडोज़र चलवाया और अब DC और SP के तबादले के बाद अब अब DSP जय प्रकाश का भी ट्रांसफर कर दिया है। नूंह के DSP जय प्रकाश की पोस्टिंग पंचकूला में कर दी गई है। उनके स्थान पर अब मुकेश कुमार नूंह DSP का पद संभालेंगे।


SP सिंगला का ट्रान्सफर भी दूर किया गया

शोभायात्रा के दौरान हिंसा काफी देर तक हुई थी। प्रशासन को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी ज्यादा समय लगा। जब इस बात की जांच हुई तो पता चला कि हिंसा की इनपुट मिलने के बाद भी स्थानीय SP वरुण सिंगला छुट्टी पर चले गए थे। इसीलिए सबसे पहले हरियाणा सरकार ने इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला और SP पंवार का नूंह से दूर ट्रान्सफर कर दिया। सिंगला को पुलिस अधीक्षक (भिवानी) नियुक्त किया गया है। बता दें कि हिंसा के बाद नूंह जिले में इंटरनेट बैन कर दिया गया था ताकि अफवाहों के प्रसार पर रोक लगे, जिले में आज 8 अगस्त तक इंटरनेट बैन है। उम्मीद है कल से इसे बहाल कर दिया जाए।

कल हरियाणा HC ने बुलडोज़र कार्रवाई पर लगाई थी रोक

हरियाणा HC ने मेवात में अतिक्रमण हटाने व पथराव के दौरान जिन घरों का इस्तेमाल हुआ था उस निर्माण को गिराने पर संज्ञान लेकर हरियाणा सरकार से कल जवाब तलब किया। HC ने खट्टर सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि इस मामले में कम्युनिटी विशेष को टारगेट किया जा रहा है, किसी भी निर्माण को गिराने से पहले नोटिस जारी करने की प्रक्रिया का पालन क्या सरकार ने किया है। उसके बाद HC के आदेशों के अनुपालना करते हुए जिले तोड़फोड़ अभियान को रोक दिया।


25 रोहिंग्या गिरफ्तार

शोभायात्रा के दौरान जहां हिंसा हुई वहां बड़ी संख्या में रोहिंग्या रहते हैं, जो म्यांमार के रखाइन प्रांत से आये हैं। 2017 में भड़की हिंसा के बाद वह कई रास्तों से होते हुए भारत में घुसे और नूंह आए थे। यहां आने वाले अधिकांश रोहिंग्या के पास शरणार्थी होने का यूएन कार्ड है। पुलिस को इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि शरणार्थी बनकर रह रहे कई रोहिंग्या मुसलमानों ने भी नूंह में साम्प्रदायिक हिंसा फैलाने में बड़ी निभाई। इसके बाद पुलिस ने बड़ी गिरफ्तारी अभियान चलाई और 25 रोहिंग्या मुस्लिमों को गिरफ्तार किया।

सीएम खट्टर के आदेश पर हो रही थी कार्रवाई

इस घटना को लेकर पुलिस और प्रशासन की लापरवाही पर भी सवाल खड़े हो रहे थे, क्योंकि यात्रा पहले से ही तय थी और कई इनपुट ऐसे भी मिले थे कि यहां बवाल हो सकता है। फिर भी उस इनपुट को सीरियसली नहीं लिया गया। बड़ी संख्या में लोग खट्टर प्रशासन की काबिलियत पर सवाल उठा रहे थे, तथा पत्थरबाजों पर उचित कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

जिसके बाद से बुलडोजर एक्शन जारी है। सोशल मिडिया पर उन्मादी पोस्ट करने वालों को चिन्हित करके जेल में डाला जा रहा है। अब इस एक्शन पर नूंह के SDM अश्विनी कुमार ने बताया कि सीएम के आदेश पर ही ये सारी कार्रवाई हुई है। सारा अवैध निर्माण है। दंगों में भी ये लोग शामिल थे, इसलिए सीएम के आदेश पर कार्रवाई की जा रही है।

बता दें की पहले गुरुवार को 4 घंटे लगातार उन इलाकों में बुलडोजर चला था जहां अवैध रूप से रोहिंग्या मुस्लिम रह रहे थे। इन्होनें भी जुलुस में शामिल लोगो पर पत्थर बरसाए थे। शुक्रवार को 250 से ज्यादा अवैध झुग्गियों को जमींदोज किया गया था। फिर शनिवार को भी मेडिकल कॉलेज के पास 45 दुकानों को हटाया गया था। फिर रविवार को भी ये कार्रवाई जारी रही।

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