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Pager Bomb Attack : 3 इंच के बम ने आतंकी दुनिया में मचाई तबाही, जानिए कैसे होता है तैयार?

Hezbollah Pagers Explosion : लेबनान में आतंकी संगठन हिजबुल्ला के पेजर में हुआ विस्फोट कौतूहल का विषय है। इसमें खतरनाक विस्फोटक PETN का इस्तेमाल किया गया है। आइए बताते हैं कैसे काम करता है PETN और RDX…

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Hezbollah Pagers Explosion : लेबनॉन में हिजबुल्लाह आतंकियों पर हुए हमले ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। सभी तरफ यही सवाल है कि आखिर यह आतंकी हमला हुआ तो कैसे हुआ? ऐसे कैसे एक साथ सब पेजर फट गए। तो यह कमाल किया है एक 3 इंच के बम ने। इस बम को इजरायल की एजेंसी ऐसे प्लांट किया कि एक विशिष्ट तापमान पर यह बम फट गया। लेबनानी सुरक्षा अधिकारियों ने यह बताया है कि यह बम मोसाद ने पेजर में लगाया था। आतंकी संगठन ने यह आर्डर ताइवान की कंपनी को गोल्ड अपोलो को दिया था। इसके बाद यहां से 5000 पेजर बनकर आतंकी संगठन को पहुंचाए गए थे। इसी बीच में सेंध लगाकर सभी पेजर में तीन तीन ग्राम विस्फोटक प्लांट कर दिया गया। इस बम ने क्या किया है? यह सभी अब देख चुके हैं।

अब तक का सबसे छोटा बम

पेजर बम ने अपनी नायाब तकनीक का प्रदर्शन किया है। 3 इंच के बम ने 40 लोगों की जान ले ली और तीन हजार से अधिक लोग घायल हैं। यह बम बहुत ही सटीकता और विनाशकारी क्षमता के साथ डिजाइन किया गया। यह अप्रत्याशित तरीकों से किया जाता है। यह अप्रत्याशित बम हमला था। इससे पहले एमके 82 (वजन 227 किलोग्राम) का सबसे छोटा विमान बम था। इसमें हर विस्फोटक में अलग-अलग सामग्री भरी होती है।

RDX या PETN कौन है सबसे खतरनाक विस्फोटक?

लेबनान और सीरिया में इस दशक का नायाब विस्फोट हुआ है। न कोई मिसाइल अटैक और न ही ड्रोन से हमला और दुश्मन बर्बाद। सिर्फ एक ही रेडियो फ्रीक्वेंसी और चंद ग्राम विस्फोटक से दुश्मन तबाह हो गया। पेजर बम। पेजर का इस्तेमाल नॉर्मली नहीं हो रहा है लेकिन आतंकी संगठन इसे काम में ले रहे हैं। यह वहां भी काम करता है जहां नेटवर्क न हो। इसी पेजर में PETN धमाका हुआ है।

PETN के जरिए हुए ऐसे हुए धमाके

दुनिया के सबसे खतरनाक प्लास्टिक बम में pentaerythritol tetranitrate यानी PETN का नाम आता है। यह इतना ऑर्गेनाइज्ड होता है कि सेंसर भी नहीं पकड़ पता है। अमोनियम नाइट्रेट और पोटेशियम नाइट्रेट के साथ किया गया केमिकल कंबीनेशन और भी खतरनाक बना देता है। मोसाद ने पेजर बैटरी के ऊपर PETN लगाया था। यह जैसे गर्म हुआ फट गया।

पुलवामा हमले में प्रयोग हुआ था RDX

RDX यानी रॉयल डिमोलिशन एक्सप्लोसिव। यह बहुत ही हाईग्रेड विस्फोटक है जिसका इस्तेमाल पुलवामा हमले में किया गया था। यह ऐसा विस्फोटक है जिससे किसी प्रकार की गंध नहीं आती है। यही वजह है आतंकी बहुत ज्यादा इसका इस्तेमाल करते हैं। इसे अमूमन इसे C4 प्लास्टिक एक्सप्लोसिव और सिमटैक्स में इस्तेमाल किया जाता है। पहली बार इसे द्वितीय विश्वयुद्ध में प्रयोग किया गया था। यह लोहा और कंक्रीट भी पिघला देता है। प्रभाव में यह PETN से ज्यादा खतरनाक है।