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Himachal Pradesh: कर्ज के बोझ तले दबा हिमाचल! दो महीने वेतन नहीं लेंगे CM सुक्खू और मंत्री

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके कैबिनेट के सभी मंत्री अगले दो महीने वेतन नहीं लेंगे।

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Himachal Pradesh: चुनाव के वक्त नेता जनता का समर्थन पाने के लिए खूब सारे वादे करते हैं। भोली-भाली जनता नेता से ये नहीं पूछती है कि आप वादों को पूरा कैसे करेंगे और उन्हें चुन लेती है। चुनाव परिणाम आने के बाद जब जनता वादों को पूरा करने के लिए नेता जी को खोजती हैं तो वो गायब हो जाते हैं। चलिए उदहारण से समझते हैं- लोकसभा चुनाव 2024 के लिए जब प्रचार चल रहा था तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश की जनता से वादा किया था कि अगर कांग्रेस पार्टी जीतती है तो महिलाओं को 8,500 रुपए प्रति महीने देगी। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घूम-घूमकर इसका प्रचार किया, पर्चे बांटे। लोगों ने राहुल गांधी के बातों पर विश्वास किया और परिणाम यह हुआ कि पार्टी 54 सीटों से 99 सीटों तक पहुंच गयी। इसके बाद महिलाएं पर्चे लेकर कांग्रेसी नेताओं को खोजने लगी। कुछ इसी तरह का वादा हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के वक्त भी किया गया था। कांग्रेस पार्टी जीत गयी, सुखविंदर सिंह सुक्खू सीएम बन गए लेकिन वादे अधूरे रह गए और राज्य की आर्थिक स्थिति ख़राब हो गयी।

हिमाचल की आर्थिक स्थिति बदहाल

हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती चली जा रही है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन में एक चौंकाने वाला बयान दिया। सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। राजकोषीय घाटा लगातार बढ़ रहा है। इन वजहों से मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और मुख्य संसदीय सचिव आने वाले दो महीने तक अपने वेतन और भत्ते नहीं लेंगे। सीएम सुक्खू ने सदन के अन्य सदस्यों से भी ऐसा करने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, ''प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। इसके कई कारण हैं। रिवेन्यू डेफिसिट ग्रांट, जो वर्ष 2023-24 में 8 हजार 058 करोड़ रुपये थी। वह इस वर्ष 1 हजार 800 करोड़ रुपये कम हो कर 6 हजार 258 करोड़ रुपये हो गई है। अगले वर्ष 2025-26 में यह 3 हजार करोड़ रुपये और कम हो कर 3 हजार 257 करोड़ रुपये रह जाएगी। PDNA की लगभग 9 हजार 042 करोड़ रुपये की राशि में से केंद्र सरकार से अभी तक कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई है। NPS कंट्रीब्यूशन के लगभग 9 हजार 200 करोड़ रुपये PFRDA से प्राप्त नहीं हुए है, जिसका हम केन्द्र सरकार से कई बार अनुरोध कर चुके हैं।''

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