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Kullu Cloudburst: नहीं थम रहा बादल फटने का सिलसिला, कुल्लू में बादल फटने से तबाही

Kullu Cloudburst: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बदल फटने से सड़कें, पुल, और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। भारी बारिश के कारण दो नेशनल हाईवे सहित 389 सड़कें बंद हो गईं।

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Kullu Cloudburst

Cloud Brust in Kullu (Video Screenshot)

Himachal Pradesh Landslide: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बादल फटने (Kullu Cloudburst) की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 13 और 19 अगस्त 2025 को हुई ताजा घटनाओं ने जिले में भारी तबाही मचाई है। बंजार, आनी निरमंड, सैंज घाटी, और लैग वैली जैसे क्षेत्रों में बादल फटने से नदियों और नालों में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे घर, दुकानें, फसलें, और सड़कें बुरी तरह प्रभावित हुईं।

तबाही का मंजर

13 अगस्त को बंजार और आनी निरमंड उपमंडल के बठाहड़ और श्रीखंड महादेव भीम डवारी इलाकों में बादल फटने से तीर्थन घाटी और आसपास के क्षेत्रों में मलबा और पानी का तेज बहाव शुरू हुआ। कई गांवों को खाली करवाया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सैंज घाटी के जीवा नाले में बाढ़ ने कई वाहन बहा दिए, जबकि गानवी घाटी में एक पुलिस चौकी तक बह गई।

389 सड़कें बंद

19 अगस्त को कुल्लू की लैग वैली में बादल फटने से सड़कें, पुल, और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। भारी बारिश के कारण दो नेशनल हाईवे सहित 389 सड़कें बंद हो गईं, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी पर गहरा असर पड़ा। फसलों और खेतों को भी भारी नुकसान हुआ है।

राहत कार्य में जुटा प्रशासन

जिला प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए। एनडीआरएफ और स्थानीय टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं, और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने कुल्लू, शिमला, और अन्य जिलों के लिए भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन, जंगलों की कटाई, और अनियंत्रित निर्माण के कारण बादल फटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले 9 साल में 8 बड़ी तबाहियां देखी गईं, जो चिंता का विषय है।