असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बांग्लादेश के लोग असम आते हैं और हमारी सभ्यता और संस्कृति के लिए खतरा पैदा करते हैं। मैंने 600 मदरसों को बंद कर दिया है और मेरा इरादा सभी मदरसों को बंद करने का है क्योंकि हम मदरसे नहीं चाहते। हम स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय चाहते हैं।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी कमर कस ली है। बीजेपी के दिग्गज नेता एक के बाद एक कर्नाटक में रैलियां कर रहे है। इसी कड़ी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बेलगावी में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। असम मुख्यमंत्री ने इस दौरान मदरसों को बंद करने के अपने वादे को एक बार फिर से दोहराया है। उन्होंने कहा कि लोग स्कूल और कॉलेजों में पढ़ाई करना चाहते हैं। इसके साथ ही कहा कि बांग्लादेश के लोग पूर्वोत्तर राज्यों में आते हैं और इसकी सभ्यता और संस्कृति के लिए खतरा पैदा करते हैं।
चुनावी राज्य कर्नाटक के बेलगावी में बीजेपी की विजय संकल्प यात्रा में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि लोग स्कूल और कॉलेजों में पढ़ाई करना चाहते हैं। शिवाजी महाराज गार्डन में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने 600 मदरसों को बंद कर दिया है और मैं सभी मदरसों को बंद करने की कोशिश करूंगा, क्योंकि हम मदरसे नहीं चाहते हैं। असम सीएम ने कहा कि हम स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी चाहते हैं।
2020 में सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने असम में एक कानून लाकर राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे सभी मदरसों को स्कूलों में बदल दिया था। जनवरी 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, असम में 3000 रजिस्टर्ड और अनरजिस्टर्ड मदरसे हैं। अवैध अप्रवासियों को लेकर उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेशी लोग असम आते हैं और संस्कृति और सभ्यता के लिए खतरा बनते हैं।
हिमंत बिस्वा ने कांग्रेस और वाम दलों पर भी हमला बोला हैं। उन्होंने कहा कि इन दलों पर मुगल समर्थित नैरेटिव के साथ देश के इतिहास को बिगाड़ने का आरोप लगाया। कांग्रेस और वामपंथियों ने भारत के इतिहास को बाबर, औरंगजेब और शाहजहां के रूप में दिखाया। उन्होंने कहा कि मैं आपको बताना चाहता हूं कि भारत का इतिहास उनके (मुगल) बारे में नहीं है, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह, स्वामी विवेकानंद के बारे में है।
सरमा ने बीते साल दावा किया था कि असम 'जिहादी गतिविधियों' का अड्डा बन गया है। क्योंकि बांग्लादेश में अल कायदा से जुड़े आतंकी संगठनों के लिंक वाले पांच 'जिहादी' मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया था। उन्होंने कहा कि खुफिया सूचनाओं के अनुसार, बांग्लादेश से छह एबीटी सदस्यों ने 2016 और 2017 के बीच अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया। इसके बाद इन्होंने'जिहादी' विचारधारा के बारे में स्थानीय युवाओं को प्रेरित करके आतंकी मॉड्यूल और स्लीपर सेल स्थापित किए।