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Hidenburg-Adani Case: हिंडनबर्ग-अदाणी मामला फिर सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा, SEBI को लेकर कही बड़ी बात

Hidenburg-Adani Case: हिंडनबर्ग की ओर से सेबी (SEBI) अध्यक्ष माधबी पुरी बुच पर हितों के टकराव के नए आरोप लगाने के बाद यह मामला फिर से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंचा है।

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SEBI Chaiperson Madhabi Puri Buch on hindenburg research Adani group

SEBI Chaiperson Madhabi Puri Buch on hindenburg research Adani group

Hidenburg-Adani Case: हिंडनबर्ग की ओर से सेबी (SEBI) अध्यक्ष माधबी पुरी बुच पर हितों के टकराव के नए आरोप लगाने के बाद यह मामला फिर से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंचा है। SC में आवेदन दाखिल कर मांग की गई है कि सेबी को अदाणी समूह (Adani Group) के खिलाफ लंबित जांच पूरी करने के निर्देश दिए जाएं।

इनकी ओर से दाखिल हुआ आवेदन

यह आवेदन विशाल तिवारी की ओर से दायर किया गया है जिनकी इस मामले की SIT जांच की मूल याचिका सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है। उस फैसले में कोर्ट ने कहा था कि SEBI प्राथमिकता से तीन माह में जांच पूरी करे। विशाल तिवारी के एक ऐसे ही आवेदन को पहले खारिज कर चुका है। नए आवेदन पर रजिस्ट्री फैसला करेगी।

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट्स क्यों हुई कन्ट्रोवर्शियल

हिंडनबर्ग अब तक Adani group सहित 19 कंपनियों पर रिपोर्ट जारी कर चुका है। इनमें से ज्यादातर कंपनियां US की ही थीं। हिंडनबर्ग की सबसे चर्चित रिपोर्ट अमेरिकी ऑटो कंपनी निकोला (Nikola) को लेकर थी। इसके बाद निकोला के शेयर 80 प्रतिशत तक टूट गए थे और कंपनी संस्थापक और कार्यकारी अध्यक्ष ट्रेवर मिल्टन को इस्तीफा देना पड़ा था। इसके अलावा लॉर्डस्टाउन मोटर्स, रॉयट ब्लॉकचेन, ओप्को हेल्थ, जीनियर ब्रांड्स समेत कई कंपनियों को हिंडनबर्ग निशाने पर ले चुकी है।

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