
How Mossad And Iron Dome Failed Know All About Hamas Attack:गाजा में इजरायल और फिलिस्तीनी के आतंकी संगठन हमास के बीच जंग जारी है। 72 घंटों में अब तक 1500 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया जा रहा है। इस सब के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी मानी जाने वाली मोसाद कैसे यह जानकारी जुटाने में फेल हो गई। मोसाद में सात हजार से अधिक लोग काम करते हैं और इस पर तीन बिलियन डालर से अधिक खर्च होता है।
इजरायल का रक्षा कवच आयरनडोम किस तरह से बर्बाद हो गया। हमास ने जिस तरह से अचानक राकेट हमला किया। इससे यह बात साफ है कि कई सालों से इसकी तैयारी की जा रही थी। हमास के इस हमले में अब तक नेपाल के दस, अमरीका के नौ,यूक्रेन के दो और थाईलैंड के 12 नागरिक मारे गए गए हैं। इजरायल के समर्थन में अमरीका ने भी मोर्चा खोल दिया है।...
पढ़िए आखिर हमास ने कैस की तैयारी और कैसे किया इतना खतरनाक हमला...
1 . आतंकी संगठन हमास के हमले की राह में सबसे बड़ा रोड़ा था आयरनडोम। इजरायल के लिए पूरी तरह से कवच का काम करता था। इसका तोड़ 2021 में हमास ने निकाल लिया था।
2.हमास ने 2021 में इजरायल पर 5 मिनट में 150 गोले एक साथ दागे। यह किए जाने वाले हमले का एक टेस्ट था। टेस्ट में पाया गया कि एक साथ ज्यादा गोले दागो तो 90 फीसदी ही काम करता है। डोम फेल हो जाता है।
3. सात अक्टूबर को इसी तोड़ का प्रयोग करते हुए हमास ने एक साथ 5000 गोले दागे और फिर 500 गोले इजरायल में फटे। इजरायल का आयरन डोम और बार्डर पर लगे सेंसर भी बर्बाद हो गया।
4.इजरायल का आयरन डोम पर पूरा भरोसा था। उसे अनुमान था कि गाजा की तरफ से हमला करने की हिमाकत कोई नहीं करेगा। 2021 में ही गाजापटटी में बड़ा आपरेशन किया था। यहीं से हमास की रणनीति शुरू हो गई।
5.इजरायल पश्चिमी छोर पर लड़ रहा था। इजरायली सेना यहीं ज्यादा केंद्रित थी। हमास के लिए गाजा एक खुला इलाका हो गया है। यही वजह है हमले के साथ मोटरसाइकिल से आतंकी घरों में घुसे और रक्तपात किया।
6.इजरायल के अंदर अलअक्सा मस्जिद में अप्रैल 2023 में कुछ इजरायली सैनिकों ने गोली चलाई थी। फिलिस्तीन सहित अरब देशों को यह बहुत ज्यादा नागवार गुजरी थी। सभी बहुत ही खफा थे।
7.अलअक्सा मस्जिद का मसला अभी अरब देशों के सिर से उतरा नहीं था कि सऊदी अरब ने इजरायल को एक देश के रूप में मान्यता दे दी। इसके बाद तो फिलिस्तीन सहित अरब देश बहुत खफा हो गए।
8.ईरान इजरायल के प्रति गुस्सा पाले पहले से बैठा था। ईरान का परमाणु कार्यक्रम जनक और रक्षा प्रमुख को इजरायल ने घर में घुसकर मारा था। इस बात का बदला लेने के लिए हमास को समर्थन दिया।
9.ईरान ने तेहरान से लाल सागर होते हुए सूडान से निकल मिस्र के रास्ते हमास को बड़ी मात्रा में हथियार पहुंचाए। इतना ही नहीं मिशन को पूरा करने के लिए कई अन्य तरह की भी सहायता दी।
10.हमास ने इस हमले के लिए पुराना तरीका अपनाते हुए व्यक्ति संपर्क का इस्तेमाल किया गया। किसी भी डिजीटल उपकरण का प्रयोग नहीं किया। इसके कारण ही मोसाद फेल हो गया। यह बात मोसाद पकड़ नहीं पाया।
Published on:
10 Oct 2023 06:07 pm
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