
राशन घोटाला और हिंदू महिलाओं के साथ बर्बरता करने के आरोप में गिरफ्तार टीएमसी नेता शाहजहां शेख के पश्चिम बंगाल सीआईडी की हिरासत में होने के कारण, ईडी के शीर्ष अधिकारी सीबीआई और एनआईए के साथ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि इसे केंद्रीय एजेंसी की रिमांड पर कैसे लिया जाए। शाहजहां शेख 5 जनवरी को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में ईडी और सीएपीएफ कर्मियों पर हुए हमले का आरोपी मास्टरमाइंड है। उस पर जबरन लोगों का जमीन हथियाने का भी आरोप है। गुरुवार 29 फरवरी को, ईडी ने शाहजहां के सीआईडी हिरासत में रहने के दौरान महत्वपूर्ण सबूतों के साथ छेड़छाड़ की संभावना पर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया था।
अब, ईडी के शीर्ष अधिकारी आरोपी को राज्य पुलिस की हिरासत से बाहर निकालने के लिए तकनीकी संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि जिस तरह से राज्य पुलिस की लापरवाही और शाहजहां की गिरफ्तारी में 55 दिनों की देरी के लिए ईडी को जिम्मेदार ठहराया था, उससे केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी घबरा गए हैं, क्योंकि उन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस से किसी सहयोग की उम्मीद नहीं है।
गुरुवार को शाहजहां की गिरफ्तारी के बाद, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (दक्षिण बंगाल), सुप्रतिम सरकार ने मीडियाकर्मियों से कहा, "राज्य पुलिस के पास कुछ कानूनी बाधाएं हो सकती हैं, लेकिन ईडी के साथ ऐसा नहीं था। इसलिए सवाल यह है कि ईडी ने उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया। इस उठापटक को देखते हुए, ईडी सभी आरोपियों को राज्य पुलिस की रिमांड से निकालकर केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में लेने के लिए अदालत के आदेश की भी कोशिश कर रही है।"
Published on:
1 Mar 2024, 5:02 PM IST
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