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पालतू बिल्ली की मौत से लगा सदमा, 20 साल की छात्रा ने दुख में दी अपनी जान

हैदराबाद में 20 वर्षीय छात्रा ने अपनी पालतू बिल्ली की मौत के सदमे में कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से लड़की का परिवार सदमें में है।

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भारत

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Himadri Joshi

Mar 20, 2026

Hyderabad News

बिल्ली की मौत के चलते लड़की ने की आत्महत्या (फोटो- एआई जनरेटेड)

तेलंगाना के हैदराबाद शहर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जुड़ाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पालतू जानवरों के साथ लोगों का रिश्ता अक्सर बेहद गहरा और भावनात्मक होता है और उनकी मौत इंसान को अक्सर बहुत दुखी कर देती है। लेकिन कई मामलों में यह दुख इतना बढ़ जाता है कि यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालने लगता है और इसके कई बूरे प्रभाव हो सकते है। ऐसा ही एक मामला हैदराबाद में सामने आया है। यहां एक 20 वर्षीय बीएससी छात्रा जब अपनी पालतू बिल्ली की मौत के सदमे को सहन नहीं कर पाई तो उसने भी आत्महत्या करके अपनी जान दे दी। इस घटना ने परिवार और स्थानीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।

बिल्ली को मानती थी अपना परिवार

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह मामला शहर के मीरपेट इलाके का बताया जा रहा है। जहां 20 वर्षीय छात्रा हिमाबिंदु अपनी पालतू बिल्ली के साथ पिछले दो साल से रह रही थी। पुलिस के अनुसार, वह बिल्ली से बेहद लगाव रखती थी और उसे परिवार के सदस्य की तरह मानती थी। हाल ही में बिल्ली की अचानक मौत हो गई, जिससे वह गहरे भावनात्मक सदमे में चली गई। इस घटना के बाद वह लगातार तनाव और दुख में थी। पुलिस का कहना है कि इसी मानसिक स्थिति ने उसे आत्महत्या जैसे कठोर कदम की ओर धकेल दिया।

घर में रखा कीटनाशक खाकर दी जान

पुलिस के अनुसार, हिमाबिंदु ने अपने घर में रखा कीटनाशक खाकर अपनी जान दे दी। यह घटना वेंकटाद्री कॉलोनी, बदागपेट क्षेत्र में हुई, जो मीरपेट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है। परिवार के सदस्यों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। मीरपेट पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर शंकर कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया। इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

मानसिक स्वास्थ्य पर उठते सवाल

यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि भावनात्मक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी कितनी घातक हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पालतू जानवरों की मौत भी कई लोगों के लिए गहरा मानसिक आघात बन सकती है, खासकर जब उनका उनसे मजबूत जुड़ाव हो। ऐसे मामलों में परिवार और दोस्तों का सहयोग बेहद जरूरी होता है। साथ ही, जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेना भी जरूरी है। यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम भावनात्मक संकट को कितनी गंभीरता से लेते हैं।