Independence Day 2021: इन बधाई संदेशों के जरिए आप भी अपने दोस्तों, परिजनों और परिचितों को आजादी की 75वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं दे सकते हैं।
Independence Day 2021: इस वर्ष 15 अगस्त को भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना जा रही है। अनगिनत बलिदानों के बाद देश को 1947 में आजादी मिली थी। आइए आजादी की इस वर्षगांठ पर हम अपने परिजनों, दोस्तों और परिचितों को देशभक्ति से भरे इन मैसेसेज के जरिए बधाई संदेश दें।
आन देश की, शान देश की,
देश की हम संतान हैं।
तीन रंगों से रंगा तिरंगा,
अपनी ये पहचान है।।
जय हिंद!
दे सलामी इस तिरंगे को,
जिस से तेरी शान है।
सर हमेशा ऊंचा रखना इसका,
जब तक दिल में जान है।।
जय हिंद!
वतन पर जो फिदा होगा,
अमर हर वो नौजवान होगा।
रहेगी जब तक दुनिया ये,
अफसाना उसका बयान होगा।।
कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है।
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तान के सम्मान का है।
ये बात हवाओं को भी बताए रखना,
रोशनी होगी, चिरागों को भी जलाए रखना।
लहू देकर जिसकी हिफाजत की हमने,
ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाए रखना।
वो जिन्दगी ही क्या जिसमें देशभक्ति ना हो।
और वो मौत ही क्या जो तिरंगे में लिपटी ना हो।
जय हिंद!
अब तक जिसका खून न खोला,
वो खून नहीं वो पानी है।
जो देश के काम ना आये,
वो बेकार जवानी है।।
संस्कार, संस्कृति और शान मिले,
ऐसे हिन्दू, मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले।
रहे हम सब ऐसे मिल-जुल कर
जैसे मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में भगवान मिले।
फना होने की इज़ाजत ली नहीं जाती,
ये वतन की मोहब्बत है,
जनाब पूछ कर की नहीं जाती…!!
वंदे मातरम्!
सरफरोशी की शमा दिल में जला लू तो क्या होगा?
सारा लहू अगर सरहदों पे बहा दूं तो क्या होगा?
भारत की फिजाओं को सदा याद रहूंगा,
आजाद था, आजाद हूं, आजाद रहूंगा।
शहीदों के त्याग को हम बदनाम नही होने देंगे,
भारत की इस आजादी की कभी शाम नही होने देंगे।
लड़े थे देश की खातिर और शहीद होकर अमर हुए,
उनकी याद में आज़ादी मनाकर आज का दिन सजाना हैं।
जय हिंद!
भारत का वीर जवान हूं मैं,
ना हिन्दू, ना मुसलमान हूं मैं,
जख्मों से भरा सीना हैं मगर,
दुश्मन के लिए चट्टान हूं मैं,
भारत का वीर जवान हूं मैं।।
जय हिंद!
कभी ठंड में ठिठुर कर देख लेना,
कभी तपती धूप में जल के देख लेना,
कैसे होती हैं हिफ़ाजत मुल्क की,
कभी सरहद पर चल के देख लेना
जय हिंद!
सुन्दर हैं जग में सबसे, नाम भी न्यारा हैं,
जहा जाती-भाषा से बढ़कर देश-प्रेम की धारा हैं,
निश्छल, पावन, प्रेम पूर्ण वो भारत देश हमारा है।