
Rare coral reef fossils found at 18K feet in Ladakh: भारतीय भूविज्ञानी रितेश आर्य ने पूर्वी लद्दाख हिमालय के बर्त्से में समुद्र तल से 18,000 फीट की ऊंचाई पर मूंगा चट्टान के जीवाश्मों का पता लगाया है। इन खोजे गए जीवाश्मों में मूंगा समूहों की संरचनाएं भी शामिल हैं जो कि प्राचीन समय में पानी के नीचे की दुनिया के लक्षण हैं। इस खोज से बर्त्से क्षेत्र के भूवैज्ञानिक अतीत की एक झलक मिलती है।
लद्दाख अपने अधिक ऊंचाई वाले रेगिस्तानी परिदृश्यों के लिए प्रसिद्ध है जो कि एक अलग भूवैज्ञानिक इकाई रही होगी। आर्य के अनुसार, लद्दाख समुद्री जीवन, प्रवाल भित्तियों और समुद्र तटों का घर था। यह खोज लद्दाख के साथ-साथ हिमालय के इतिहास व अस्तित्व को समझने और उनकी जैव विविधता पर प्रकाश डालने में महत्वपूर्ण होगी।
क्या है मूंगा चट्टान?
मूंगा चट्टान पानी के नीचे का एक पारिस्थितिकी तंत्र है जिसमें मूंगों के संरचनाएं भी शामिल होती हैं जो कैल्शियम कार्बोनेट की एक चट्टान के साथ जुड़ी होती हैं। ये चट्टानें स्वस्थ समुद्री पारिस्थितिकी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। पृथ्वी पर सबसे दुर्लभ और उत्तम पारिस्थितिक तंत्रों में से एक, यह सभी समुद्री प्रजातियों में से लगभग 25% के लिए भोजन और आश्रय का स्रोत है।
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Published on:
21 Oct 2023 09:31 am

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