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एक्सीडेंटल फायरिंग: जानें कैसे होती है ऐसी गलती, 124 किमी रफ्तार से पाकिस्तान में गिरी भारतीय मिसाइल

पाकिस्तान की तरफ से भारत द्वारा गलती से गिरे मिसाइल को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। वहीं, भारत सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं।

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Indian Missile Brahmos accidently fired into Pakistan, know When a missile misfires

Indian Missile accidently fired into Pakistan, know When a missile misfires

पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत पर आरोप लगाया कि सुपरसोनिक प्रोजेक्टाइल (फ्लाइंग ऑब्जेक्ट) भारत की तरफ से फायर किया गया था। इसपर भारत ने स्पष्टीकरण जारी किया है। भारत की तरफ से इस एक्सीडेंटल फायर पर खेद जताया गया है। इसपर रक्षा मंत्रालय ने एक बयान भी जारी किया है। इस बयान में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि "तकनीकी खराबी के कारण गलती से मिसाइल फायर हो गई। इसपर भारत सरकार गंभीरता से विचार कर रहा है और एक उच्च स्तरीय जांच के लिए आदेश भी दिया है।"

कैसे हुई मिसाइल मिसफायर
भारत सरकार की तरफ से इसपर स्पष्टीकरण में बताया गया है कि "9 मार्च 2022 को, नियमित रखरखाव के दौरान, एक तकनीकी खराबी के कारण गलती से एक मिसाइल की फायरिंग हो गयी। पता चला है कि मिसाइल पाकिस्तान के एक इलाके में गिरी थी। भारत सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है। हालांकि, यह घटना अत्यंत खेदजनक है, वहीं राहत की बात यह भी है कि हादसे में किसी को जान नहीं गंवानी पड़ी है।" बता दें कि भारत और पाकिस्तान को ऐसे परीक्षणों के बारे में एक-दूसरे को सूचित करना आवश्यक होता है। टेस्ट से पहले देश को विमानन पायलटों और नाविकों को सचेत करने के लिए NOTAM या नौवहन चेतावनी (NAVAREA) का नोटिस जारी करना होता है।

कौन सी मिसाइल हुई मिसफायर?

भारत की तरफ से जो मिसाइल गलती से फायर हुई है उसको लेकर भारत की तरफ से कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है परंतु पाकिस्तान ने इसे सुपरसोनिक मिसाइल कहा है। भारत के एक्स्पर्ट्स के अनुमान के अनुसार ये भारत की टॉप मिसाइलों में से एक ब्रह्मोस का टेस्ट था जिसे रूस के साथ मिलकर निर्माण किया गया था। ब्रह्मोस में 290 किलोमीटर की मूल क्षमता की तुलना में 350 से 400 किलोमीटर तक निशाना लगाने की क्षमता है जो मैक 3.5 तक कि अधिकतम गति हासिल कर सकती है। इसकी खास बात ये भी है कि ब्रह्मोस को कहीं से भी फायर किया जा सकता है।

क्या हो सकते हैं कारण?
कहा जा रहा है हवाओं के बीच अचानक से इस मिसाइल ने अपनी दिशा बदल दी। ये मिसाइल हरियाणा के सिरसा से लॉन्‍च की गई थी। इसके बाद यह सूरतगढ़ के रास्‍ते से पाकिस्‍तान में शाम करीब 6.43 बजे दाखिल हुई। इसके बाद ये मिसाइल 7 बजने से पूर्व ही मिया चुन्‍नू शहर के पास गिर गई।

नई दिल्ली में सेंटर फॉर एयर पावर स्टडीज (CAPS) थिंक टैंक के प्रमुख सेवानिवृत्त एयर मार्शल अनिल चोपड़ा ने कहा कि मिसाइल की दिशा बदलने के कारण काफी कम हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है मिसाइल ने उड़ने समय कोई एक रास्ता चुना और सामान्य नहीं था, फिर लगभग 100 Km के बाद उसने एक अलग दिशा ले ली।"

उन्होंने आगे बताया कि हो सकता है "मिसाइल के निर्देशांक में गड़बड़ी हो जिस कारण मिसाइल ने अपनी दिशा बदली। परंतु उड़ान के आखिरी चरण में बदली गई दिशा इस बात को भी दर्शाती है कि उसके मिसाइल के निर्देशन प्रणाली में कोई गड़बड़ी नहीं हो सकती थी।"

मिसाइल की तकनीकी खामी
एक और कारण मिसाइल में तकनीकी खामी भी एक बड़ी वजह हो सकती है। आम तौर पर, "इस तरह की मिसाइल में एक विनाशकारी फ्यूज होता है, जिसका अर्थ है कि जमीन से आप हवा में नष्ट करने में सक्षम होना चाहिए वो भी तब जब आपको इसमें खराबी की आशंका हो।

कुल मिलाकर, मिसाइल में किसी भी तरह की तकनीकी खामी मिसाइल के मिसफायर की बड़ी वजह हो सकती है। इसके अलावा मिसाइल के निर्देशन प्रणाली में खामी और मिसाइल सेल्फ डिस्ट्रक्ट मैकेनिज्म भी हो सकता है। मिसाइल सेल्फ डिस्ट्रक्ट मैकेनिज्म का अर्थ है कि यदि मिसाइल में कोई खामी आए तो वो खुद ही नष्ट हो जाए।

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