Wife torture husband cases research: आईआईपीएस के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हजारों डेटा के अध्ययन के बाद यह पाया कि भारत में पति के उत्पीड़न में कामकाजी महिलाएं आगे हैं।
आमतौर पर घरेलू हिंसा के मामलों में पत्नियां प्रताडऩा झेलती हैं लेकिन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज (आईआईपीएस) के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक शोध में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शोध के मुताबिक भारत में कामकाजी महिलाएं अपने पतियों के साथ ज्यादा हिंसा (प्रताड़ना) करती हैं। हालांकि उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में यह प्रवृत्ति कम होती जाती है जबकि पुरुषों में बढ़ जाती है।
स्मार्टफोन भी महिलाओं के लिए बना हथियार
अध्ययन में स्मार्टफोन को भी महिलाओं के लिए बड़ा हथियार माना गया। यानी जिनके पास स्मार्टफोन हैं, वे ज्यादा सशक्त रहती हैं। वे पति के लिए आक्रामक रहती हैं। मोबाइल के उपयोग से महिलाओं के सामाजिक नेटवर्क में सुधार हुआ है जो उन्हें हिम्मत देता है।
एक हजार में 29 महिलाएं हिंसक
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की ओर से उपलब्ध कराए गए 62,716 महिलाओं (15-49 साल) के डेटा का अध्ययन किया गया। इसमें सामने आया कि 1,000 में 29 महिलाएं पुरुषों के खिलाफ हिंसा करती हैं।
खुद भी पीड़ित
पिछले साल एक शोध में बताया गया था कि भारत में तीन में से एक महिला अपने अंतरंग साथी की हिंसा का शिकार होती हैं और 10 में से सिर्फ एक महिला अपराध की रिपोर्ट करती है।
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