
International Women's Day : देश में चंद्रयान से लेकर सेना तक और रक्षा-वित्त मंत्रालय से इंटरप्रेन्योर तक महिलाओं का वर्चस्व बढ़ रहा है। इसके बावजूद लेकिन 74 फीसदी से अधिक महिलाओं का मानना है कि उनकी असुरक्षा के लिए लड़कों व पुरुषों में संस्कार की कमी जिम्मेदार है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देश भर में करवाए गए पत्रिका सर्वे में यह निष्कर्ष निकला है। इस ऑनलाइन सर्वे में सिर्फ महिलाओं से सवाल किए गए। सर्वे में करीब 72 फीसदी महिलाएं मानती हैं कि घर के हर फैसले में उनकी राय लिए जाने पर ही वे अपने को पुरुषों के बराबर मानेंगी। सर्वे में 43 फीसदी से ज्यादा महिलाओं ने मौका मिलने पर बिजनेस करने को तवज्जो दी है। प्रस्तुत है सर्वे के नतीजे-
1-महिलाओं की राजनीतिक-सामाजिक गतिविधियों में कम भागीदारी क्यों?
महिलाएं चाहती हैं पर घरवाले जाने नहीं देते - 37.4 प्रतिशत
घर के कार्यों के लिए महिला खुद नहीं जाना चाहती - 20 प्रतिशत
पुरुषों के वर्चस्व में कमी आने लगती है - 13 प्रतिशत
सरकारी नीतियां ठीक से लागू नहीं हुई हैं - 29.6 प्रतिशत
2-आप कब पुरुषों के बराबर महसूस करने लगेंगी?
अपने कमाए पैसे खुद खर्च कर पाएंगी- 10.7 प्रतिशत
अपनी पसंद के हिसाब से शादी करेंगी - 1.8 प्रतिशत
घर के हर फैसले में राय ली जाएगी- 71.9 प्रतिशत
कभी भी और कहीं भी आ जा सकेंगी- 15.6 प्रतिशत
3- महिलाओं की असुरक्षा के लिए आप किसे जिम्मेदार मानती हैं?
सरकारी नीतियों को - 12.6 प्रतिशत
पुलिस का खराब रवैया- 8.5 प्रतिशत
देर रात बाहर निकलने वाली लड़कियां-महिला खुद जिम्मेदार - 4.8 प्रतिशत
लड़कों-पुरुषों में संस्कार की कमी - 74.1 प्रतिशत
4- अगर मौका मिले तो आप क्या बनना चाहेंगी?
सरकारी क्षेत्र में डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी - 31.9 प्रतिशत
प्राइवेट जॉब में कॉरपोरेट कल्चर में काम करेंगे - 2.9 प्रतिशत
खुद का बिजनेस-इंटरप्रेन्योशिप, इनोवेशन- 43.7 प्रतिशत
कवि, कहानीकार, फिल्म, सोशल मीडिया इंफ्लूएंर्स - 21.5 प्रतिशत
5- महिलाओं के अधिकारों के लिए आपके नजर में क्या चुनौतियां हैं?
लैंगिक असमानता - 35.9 प्रतिशत
घरेलू हिंसा- 20.4 प्रतिशत
कार्यस्थल में भेदभाव- 30.4 प्रतिशत
राजनीतिक भागीदारी की कमी- 13.3 प्रतिशत
6- जो महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम हैं, उसकी प्रमुख वजह क्या मानती हैं?
अपने लिए किए खुद फैसले- 46.7 प्रतिशत
अब महिलाओं को ज्यादा अवसर - 13.7 प्रतिशत
इनके पीछे पूरा परिवार खड़ा रहता है- 33.3 प्रतिशत
सरकारी नीतियां सशक्त बना रहीं- 6.3 प्रतिशत
7- लड़कियां-महिलाएं खुलकर अपनी बात क्यों नहीं रख पाती हैं?
शर्म आती है - 3.7 प्रतिशत
घर परिवार के दबाव में- 23.3 प्रतिशत
गलत निर्णय पर बदनामी का डर - 15.2 प्रतिशत
जागरूकता की कमी - 57.8 प्रतिशत
8- महिलाओं के खिलाफ हिंसा और भेदभाव के लिए आप क्या वजह मानती हैं?
लैंगिक असमानता- 3 प्रतिशत
रूढ़ीवादी सोच- 10.7 प्रतिशत
सामाजिक-सांस्कृतिक मानदंड- 7.0 प्रतिशत
पुरुषों का प्रभुत्व- 2.3 प्रतिशत
उपरोक्त सभी - 77.0 प्रतिशत
9- लिवइन रिलेशनशिप को लेकर आपकी क्या राय है?
गलत परंपरा है, संस्कार खत्म हो रहा है- 69.3 प्रतिशत
एक दूसरे को समझने के लिए ठीक है-21.1 प्रतिशत
ऐसे लोगों को सामाजिक सुरक्षा मिले- 9.6 प्रतिशत
10- अगर देर रात घर से बाहर निकलना पड़े तो आपको क्या महसूस होता है?
डर नहीं लगता है - 13.3 प्रतिशत
अनहोनी की आशंका रहती है - 58.5 प्रतिशत
किसी पुरुष के साथ ही जाऊंगी - 11.5 प्रतिशत
सामान्य सा लगता है -16.7 प्रतिशत
11. महिला श्रम भागीदारी बढ़ाने के लिए क्या होना चाहिए?
ऑफिस में सुरक्षित माहौल - 3.6 प्रतिशत
महिलाओं के साथ समानता का भाव - 12.2 प्रतिशत
महिलाओं के लिए लचीली कार्य व्यवस्था - 1.4 प्रतिशत
घरवालों को सहयोग - 2.4 प्रतिशत
उपरोक्त सभी - 80.4 प्रतिशत
12-महिला सशक्तिकरण में आप कैसे योगदान दे सकती हैं?
खुद को आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर- 64.4 प्रतिशत
पुरुषों के खिलाफ आवाज उठाकर-12.2 प्रतिशत
महिलाओं को आरक्षण दिलवाकर - 4.5 प्रतिशत
महिला हिंसा रोक कर - 18.9 प्रतिशत
Published on:
08 Mar 2024 07:41 am
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