
PM Modi(Image-ANI)
Iran Israel War: पश्चिम एशिया में 23 दिन से चल रहे अमरीका-ईरान युद्ध के बीच भारत को रविवार को राहतभरी खबरें मिलीं। रूस से कच्चे तेल से लदा जहाज 'एक्वा टाइटन और अमरीका के टेक्सास से एलपीजी लेकर निकला जहाज 'पिक्सिस पायोनियर रविवार सुबह कर्नाटक के मैंगलोर बंदरगाह पहुंच गया। इससे घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति व कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी। उधर, युद्ध के कारण भारत में तेल, गैस व खाद सहित जरूरी चीजों की आपूर्ति सामान्य रखने और इसका प्रभाव न्यूनतम रखने पर मंत्रियों व सचिवों का एक समर्पित समूह नजर रखेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार को हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक में यह निर्णय हुआ।
अधिकारियों के अनुसार यह समूह समग्र सरकारी दृष्टिकोण के साथ समर्पित रूप से काम करेगा और क्षेत्रीय समूहों को हितधारकों के साथ जरूरी तालमेल रखेगा। बैठक में अधिकारियों ने कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यात, जहाजरानी, व्यापार, वित्त और आपूर्ति श्रृंखला सहित विभिन्न क्षेत्रों पर संघर्ष के संभावित प्रभाव के बारे में प्रजेंटेशन दिया। साथ ही आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किए गए उपायों और आगे की योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में देश के समग्र व्यापक आर्थिक परिदृश्य और आगे उठाए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, शिवराज सिंह चौहान, एस.जयशंकर, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, सर्बानंद सोनोवाल और हरदीप सिंह पुरी व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल बैठक में मौजूद रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रूस से निकला जहाज एक्वा टाइटन चीन जा रहा था। बीते दिनों अमरीका ने समुद्र में फंसे रूसी तेल को बिक्री के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किया था। इसके बाद इस जहाज को भारत की ओर मोड़ दिया गया था। भारत के लिए रूस और अमरीका दोनों से एक साथ ऊर्जा आपूर्ति मिलना एक बड़ी रणनीतिक जीत मानी जा रही है।
बैठक में कहा गया कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक रूप से महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। इस दृष्टि से भारत पर इसके प्रभावों का आकलन किया गया और तत्काल तथा दीर्घकालिक दोनों तरह के जवाबी उपायों पर चर्चा की गई।
बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि यह संघर्ष एक लगातार बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित हो रही है। ऐसी स्थिति में देश के नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो।
Published on:
23 Mar 2026 02:31 am
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