
ISKCON Temple: दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के अनुयायी 1 दिसंबर को बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं की सुरक्षा के लिए “प्रार्थना और जप” करने के लिए एकजुट होंगे। इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता राधारमण दास ने एक्स पर लिखा, "150 से ज़्यादा देशों और अनगिनत शहरों और कस्बों में, दुनिया भर के लाखों इस्कॉन भक्त इस रविवार, 1 दिसंबर को बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए प्रार्थना और मंत्रोच्चार करने के लिए एक साथ आएंगे। कृपया अपने स्थानीय #इस्कॉन मंदिर या मण्डली में शामिल हों।"
इस्कॉन ने यह अपील बांग्लादेश में व्यापक विरोध प्रदर्शनों के जवाब में की है, जिसके बाद इस्कॉन के पूर्व सदस्य चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की राजद्रोह के मामले में गिरफ़्तारी हुई। मंगलवार को उन्हें ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया। मुख्य रूप से हिंदू समुदाय के सदस्यों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन बांग्लादेश में ढाका और चटगाँव सहित विभिन्न स्थानों पर हुए हैं। 30 अक्टूबर को चटगाँव के कोतवाली पुलिस स्टेशन में दास समेत 19 लोगों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें चटगाँव के न्यू मार्केट इलाके में एक हिंदू रैली के दौरान बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप लगाया गया था। शुक्रवार को बांग्लादेश के चटगाँव में नारे लगाती भीड़ ने तीन हिंदू मंदिरों पर हमला किया, जो इस्कॉन के एक पूर्व सदस्य के खिलाफ़ देशद्रोह के आरोपों के बाद विरोध और अशांति का स्थल रहा है। बांग्लादेश की स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना शहर के हरीश चंद्र मुनसेफ लेन में दोपहर करीब 2.30 बजे हुई, जहाँ शांतनेश्वरी मातृ मंदिर, पास के शोनी मंदिर और शांतनेश्वरी कालीबाड़ी मंदिर को निशाना बनाया गया।
मंगलवार को भारत ने नेता की गिरफ़्तारी और ज़मानत न मिलने पर चिंता जताई और बांग्लादेश से हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। हाल ही में हुई हिंदू विरोधी घटनाओं ने दोनों दक्षिण एशियाई देशों के बीच कूटनीतिक विवाद को जन्म दिया है।
बाद में शुक्रवार को भारत ने कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की अपनी ज़िम्मेदारी पूरी करनी चाहिए। भारत ने चरमपंथी बयानबाज़ी और मंदिरों पर हमलों सहित हिंदुओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा पर गंभीर चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद को बताया कि भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा पर ध्यान दिया है और कहा कि अल्पसंख्यकों सहित अपने सभी नागरिकों के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा करना ढाका की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। इस बीच, बांग्लादेश ने शुक्रवार को कोलकाता में अपने उप उच्चायोग में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन पर गहरी चिंता व्यक्त की और नई दिल्ली से भारत में अपने सभी राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
Updated on:
30 Nov 2024 01:18 pm
Published on:
30 Nov 2024 01:18 pm
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