2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ISRO: अंतरिक्ष अभियान बनेंगे उन्नत, IIT मद्रास ने मिलकर बनाई स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप

IIT Madras: ISRO और IIT-मद्रास ने सेमीकंडक्टर चिप विकसित की है। इसे 'इंडिजिनस आरआइएससीवी कंट्रोलर फॉर स्पेस एप्लीकेशन' (IRIS) नाम दिया गया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Devika Chatraj

•

Updated: 12 Feb 2025, 8:28 AM IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और IIT-मद्रास ने मिलकर शक्ति तकनीक पर आधारित एक स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप विकसित की है। इसे 'इंडिजिनस आरआइएससीवी कंट्रोलर फॉर स्पेस एप्लीकेशन' (IRIS) नाम दिया गया है। यह चिप अंतरिक्ष में इस्तेमाल होने वाले सिस्टम और उपकरणों के लिए बनाई गई है। तिरुवनंतपुरम स्थित इसरो इनर्शियल सिस्टम यूनिट के साथ मिलकर इस चिप का निर्माण चंडीगढ़ स्थित सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला में किया गया। इसे कर्नाटक स्थित टाटा एडवांस्ड सिस्टम में पैक किया गया।

अंतरिक्ष अभियान बनेंगे उन्नत

आइआरआइएस चिप का उपयोग आइओटी, कंप्यूटर सिस्टम और अंतरिक्ष मिशनों में किया जा सकता है। इसमें शक्ति प्रोसेसर का उपयोग किया गया है। चिप की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए इसमें उन्नत सीरियल बस, कॉरडिक और वॉचडॉग टाइमर जैसे मॉड्यूल शामिल किए गए हैं। इसे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों में और अधिक उन्नत बनाया जा सकता है।

आइआइटी मद्रास में किया बूट

यह तीसरी शक्ति चिप है जिसे हमने एससीएल चंडीगढ़ में तैयार की है। आइआइटी मद्रास में इसको सफलतापूर्वक बूट किया गया है। चिप का डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, मदरबोर्ड डिजाइन, चिप की असेंबली और उसको बूट भारत में ही किया गया है।

चिप से जुड़ी कुछ अहम बात

  1. इस चिप के बनने से भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम उठा है।
  2. इस चिप के बनने से भारत की वैश्विक अंतरिक्ष क्षमता भी बढ़ी है।
  3. इस चिप के बनने से पता चला है कि भारत में उच्च गुणवत्ता वाली सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी बनाने की क्षमता है।

क्या है खास?

सिस्टम कस्टम प्रोसेसर है जिसका डिजाइन रिस्क-5, एक ओपन-सोर्स इंस्ट्रक्शन सेट आर्किटेक्चर (आईएसए) पर आधारित हैं। ‘शक्ति’ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से ‘डिजिटल इंडिया रिस्क-5’ पहल (डीआईआर-5) के तहत तैयार कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य माइक्रोप्रोसेसर आधारित उन उत्पादों के स्वदेशी विकास को बढ़ावा देना है।

ये भी पढ़े: Mann Ki Baat: महाकुंभ से ISRO तक… 2025 की पहली 'मन की बात' में PM मोदी की 5 बड़ी बातें