
Jaipur Foot International Camps: भारत की ओर से 20 अमेरिकी डॉलर के स्टैनफोर्ड-जयपुर घुटने के विकास के लिए जाना जाने वाले भारत की विश्व प्रसिद्ध संस्था भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति BMVSS ने विश्व के 44 देशों में 111 जयपुर फुट कैम्प आयोजित (Jaipur Foot International Camps) कर दस लाख से अधिक लोगों की सहायता की है। वहीं अफगानिस्तान के लोगों को काबुल में पांच दिवसीय 'जयपुर फुट' शिविर का आयोजन कर लगभग 75 कृत्रिम अंग लगाए गए। भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ( randhir jaiswal) ने एक्सस्टैंग पर एक पोस्ट में जानकारी शेयर की कि शिविर को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अफगानिस्तान के लोगों को भारत की ओर से दी जा रही मानवीय सहायता के एक हिस्से के रूप में, बीएमवीएसएस, जयपुर की ओर से शिविर का आयोजन किया गया।
बीएमवीएसएस विदेशों में ऑन द स्पॉट कैम्प आयोजित करता है। भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने कार्यक्रम इंडिया फॉर ह्यूमैनिटी के तहत उपरोक्त 22 देशों में 28 शिविरों में वित्त पोषण और रसद सहायता प्रदान की है।
उल्लेखनीय है कि भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (बीएमवीएसएस) विश्व स्तर पर अपने 'जयपुर फुट' और विकलांग व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए जानी जाती है। जयपुर फुट/लिम्ब एक कृत्रिम अंग है, जिसमें कस्टम मेड सॉकेट के लिए पॉलीमर (एचडीपीई) का उपयोग किया जाता है, जिसे विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए जयपुर फुट (पश्चिमी तकनीक में इस्तेमाल किए जाने वाले एसएसीएच फुट से अलग) से जोड़ा जाता है। जयपुर-घुटना नामक विशेष जोड़ (स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए और बीएमवीएसएस द्वारा विकसित) आमतौर पर प्रदान किया जाता है, इसके अलावा घुटने से ऊपर के विकलांगों के लिए भी दिया जाता है।
BMVSS एक गैर-लाभकारी संगठन है जो दिव्यांग व्यक्तियों को निःशुल्क रूप से प्रसिद्ध कम लागत वाले कृत्रिम अंग, जयपुर फुट और अन्य गतिशीलता-सहायक उपकरण प्रदान कर के उनकी सहायता करता है। जैसा संस्थापक, डीआर मेहता, BMVSS की वित्तीय स्थिरता के बारे में सोचते हैं, उन्हें एक ऐसी रणनीति तैयार करनी चाहिए, जो भविष्य में इसका मानवीय प्रभाव बनाए रखे।
संगठन ने कहा कि यह विकलांगों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है जिसके 2.2 मिलियन से अधिक लाभार्थी हैं। अंग, कैलीपर आदि प्रदान करने की प्रक्रिया लेजर लाइन संरेखण प्रणाली के उपयोग से उचित चाल सुनिश्चित करती है, चाल विश्लेषण प्रयोगशालाओं के माध्यम से परीक्षण करती है और रोगी को छुट्टी देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय चेकआउट का पालन करती है। किसी अपॉइंटमेंट की आवश्यकता नहीं - रोगी बस चलकर आ सकता है।
जयपुर फुट के शिविरों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही है। संयुक्त राष्ट्र के कुछ मानवीय संगठनों ने भारत की इस पहल को "ग्लोबल गुडविल डिप्लोमेसी" का बेहतरीन उदाहरण बताया है।
अफगानिस्तान से एक लाभार्थी, 24 वर्षीय अहमद गुल ने कहा: “हमने सोचा नहीं था कि भारत जैसा देश हमारी इतनी मदद करेगा। जयपुर फुट ने मुझे फिर से आत्मनिर्भर बनने की उम्मीद दी है।”
बीएमवीएसएस के अद्यतन रिकार्ड्स और सरकारी कार्यक्रमों के अनुसार भारत की मानवीय सहायता और "इंडिया फॉर ह्यूमैनिटी" कार्यक्रम के तहत इन 44 देशों में कृत्रिम अंग व चाल सहायता उपकरण प्रदान किए गए। मसलन: अफगानिस्तान,
फिलिस्तीन,ईरान,बांग्लादेश,डोमिनिकन रिपब्लिक,होंडुरास,इंडोनेशिया,मलावी,नाइजीरिया, नेपाल,केन्या,पनामा,फिलीपींस, पापुआ न्यू गिनी,रवांडा,सोमालिया,त्रिनिदाद,वियतनाम, ज़िम्बाब्वे,सूडान,लेबनान,ज़ाम्बिया,पाकिस्तान,इराक, श्रीलंका, सेनेगल,फिजी,लाइबेरिया ,मॉरीशस,म्यांमार, इथोपिया,सिएरा लियोन,मिस्र,तंज़ानिया,नामीबिया,सीरिया, युगांडा, जिबूती,कांगो,इक्वेटोरियल गिनी,दक्षिण सूडान,कंबोडिया,मोरक्को व उज्बेकिस्तान। ध्यान रहे कि कुछ देशों में एक से अधिक बार शिविर लगाए गए हैं, जैसे अफगानिस्तान, नेपाल और अफ्रीकी देश।
भारत सरकार और BMVSS अब कुछ और देशों में शिविर आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अफ्रीकी और दक्षिण एशियाई देशों में जल्द ही नई सीरीज के ‘जयपुर फुट ऑन द स्पॉट कैम्प्स’ का आयोजन किया जाएगा। BMVSS के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया: “हमारे अगले लक्ष्य में अफ्रीका के 5 देशों और दक्षिण अमेरिका के 2 नए देशों में शिविर लगाना शामिल है। वहां भारी मांग है।”
इस पहल को सिर्फ मानवीय सहायता के रूप में न देखकर ‘सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी’ के रूप में भी देखा जा रहा है। भारत, अपने तकनीकी नवाचार और सामाजिक सेवा के ज़रिए, उन देशों में ‘सम्मान और सहानुभूति’ का भाव पैदा कर रहा है जहां राजनीतिक जटिलताएं अधिक हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जयपुर फुट सिर्फ अंग नहीं देता, यह ‘मानव गरिमा’ लौटाता है।
Updated on:
29 Jun 2025 04:14 pm
Published on:
29 Jun 2025 04:13 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
