30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘अगर मैं मुजरिम हूं तो चुनाव आयोग और राज्यपाल मुझे सजा सुनाएं’, अयोग्यता के मुद्दे पर बोले झारखंड CM हेमंत सोरेन

लाभ के पद के मामले में झारखंड सीएम हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता पर बीते कुछ समय से तलवार लटकी है। हालांकि चुनाव आयोग की सिफारिश पर राज्यपाल का फैसला लेना अभी बाकी है। लंबे समय से जारी सियासी सस्पेंस पर झारखंड सीएम हेमंत सोरेन अपने मन की बातें कही।

2 min read
Google source verification
hemant_soren_jmm.jpg

Jharkhand CM Hemant Soren Said EC and Governor Should tell my Punishment

'अगर मैं मुजरिम हूं तो चुनाव आयोग और राज्यपाल मुझे सजा सुनायें', यह कहना है कि झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन का। ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले में विधानसभा सदस्यता पर जारी सियासी सस्पेंस पर आज हेमंत सोरेन ने अपनी प्रतिक्रिया दी। सोरेन ने शनिवार को सीएम हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, मैं पूरे देश का पहला मुख्यमंत्री हूं, जो उनके दरवाजे पर जाकर, उनके सामने हाथ जोड़कर यह बताने का आग्रह कर रहा है कि अगर मेरा कोई गुनाह है तो इसके लिए मेरी क्या सजा मुकर्रर की गई है? मैं उनसे बार-बार पूछ रहा हूं कि उनके अनुसार मैं वाकई गुनहगार हूं तो मुख्यमंत्री के पद पर मैं कैसे बना हुआ हूं?

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके विपक्षी और विरोधी खनन पट्टा से जुड़े मसले पर कथित तौर पर उनके अयोग्य होने की बात फैलाकर राज्य में भ्रम और अनिश्चितता का वातावरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्षियों को बेचैन और भटकती हुई आत्माओं की संज्ञा से नवाजते हुए सोरेन ने कहा कि मेरे खिलाफ जब उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा तो वे संवैधानिक संस्थाओं की आड़ लेकर अपनी राजनीति की रोटी सेंकने का षड्यंत्र कर रहे हैं।


खनन पट्टा को लेकर विपक्ष की ओर से लगाये गये आरोपों पर हेमंत सोरेन ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या एक सीएम मात्र 88 डिसमिल जमीन के लिए घोटाला करेगा? ऐसे आरोप लगाने वालों को तो चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए। सच तो यह है कि राज्य और केंद्र में हमारे विपक्ष के नेताओं को यह पच नहीं रहा कि आदिवासी- वंचित समाज से आगे आकर व्यवस्था कैसे संभाल रहा है?

यह भी पढ़ें - जब राज्यपाल से मिलकर सोरेन ने की सियासी सस्पेंस को दूर करने की मांग


सोरेन ने केंद्रीय एजेंसियों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां जिस र्ढे पर काम कर रही हैं, उससे यही लगता है कि उनके पीछे कोई शक्ति है जिनके इशारे पर चलने को वो मजबूर हैं। केंद्र सरकार पर झारखंड के हिस्से के एक लाख 36 हजार करोड़ की राशि बकाया होने का दावा दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बार-बार की वाजिब मांग के बावजूद हमें एक-एक रुपये के लिए मोहताज बनाया जा रहा है। झारखंड के साथ-साथ पूरे देश के तमाम गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ केंद्र सरकार ऐसा ही सलूक कर रही है।


राष्ट्रीय स्तर पर गैर भाजपा दलों का मोर्चा बनाने की जो कोशिशें चल रही हैं, उसमें आपकी क्या भूमिका है? इस सवाल पर मुख्यमंत्री एवं झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि ऐसा मोर्चा बनाने की पहल अभी मैच्योरिटी के स्तर पर पहुंची हैं। आने वाले दिनों में इसे लेकर जब स्थिति और साफ होगी तो हम देखेंगे कि हमारी भूमिका क्या होगी। फिलहाल राज्य में झामुमो, कांग्रेस और राजद का गठबंधन मजबूती के साथ कायम है।

Story Loader