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Rajya Sabha Election 2026: बिहार में फिर फेल हो गया विपक्ष, पांचों सीट NDA के खाते में, जानिये हरियाणा और ओडिशा का हाल

देश के 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव संपन्न हुए। बिहार में एनडीए ने सभी पांच सीटें जीत लीं, जबकि ओडिशा में क्रॉस-वोटिंग से भाजपा को फायदा मिला। हरियाणा में मतपत्र गोपनीयता विवाद के कारण मतगणना कई घंटों तक रुकी रही।

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भारत

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Anurag Animesh

Mar 17, 2026

Rajya Sabha Election 2026

Rajya Sabha Election 2026(Image-ANI)

Rajya Sabha Election 2026: सोमवार को देश के कई राज्यों में राज्यसभा की सीटों के लिए चुनावी हलचल देखने को मिली। कुल मिलाकर 10 राज्यों में 37 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया हुई। इनमें से सात राज्यों में स्थिति इतनी स्पष्ट थी कि 26 उम्मीदवार बिना मुकाबले ही निर्वाचित घोषित कर दिए गए। असम, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में उम्मीदवारों को चुनौती नहीं मिली और वे सीधे राज्यसभा पहुंच गए। लेकिन असली राजनीतिक मुकाबला बिहार, ओडिशा और हरियाणा में देखने को मिला। यहां 11 सीटों के लिए मतदान कराया गया। बिहार में पांच, ओडिशा में चार और हरियाणा में दो सीटों के लिए वोटिंग हुई। इन राज्यों में चुनाव के दौरान राजनीतिक रणनीति, क्रॉस वोटिंग और मतपत्र को लेकर विवाद जैसी कई घटनाएं सामने आई।

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में क्या रहा गणित?


सबसे ज्यादा चर्चा बिहार के राज्यसभा चुनाव की रही। यहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला था। एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश कुमार मैदान में थे। वहीं महागठबंधन ने अमरेंद्र धारी सिंह को उम्मीदवार बनाया था। मतदान के बाद नतीजों ने साफ कर दिया कि एनडीए ने पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतरकर सभी पांच सीटों पर जीत हासिल कर ली। एनडीए के कुल 202 विधायकों ने मतदान किया। इनमें से नीतीश कुमार और नितिन नवीन को 44-44 विधायकों का समर्थन मिला। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर को 42-42 वोट प्राप्त हुए।

पांचों सीट जीती NDA


हालांकि पांचवीं सीट का मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। इस सीट के लिए एनडीए उम्मीदवार शिवेश कुमार और महागठबंधन के अमरेंद्र धारी सिंह के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। पहले चरण में अमरेंद्र धारी सिंह को 37 प्रथम वरीयता वोट मिले, जबकि शिवेश कुमार को 30 वोट मिले थे। लेकिन बाद में दूसरे वरीयता वोटों की गिनती ने पूरा खेल बदल दिया। महागठबंधन के चार विधायकों ने मतदान से दूरी बना ली, जिसका सीधा फायदा एनडीए को मिला। दूसरे वरीयता वोटों की वजह से शिवेश कुमार के कुल वोटों की वैल्यू बढ़कर 4202 हो गई, जबकि अमरेंद्र धारी सिंह 3700 वोट वैल्यू पर ही रुक गए। इस तरह एनडीए ने बिहार की सभी सीटें अपने नाम कर लीं।

Rajya Sabha Election: ओडिशा में क्या हुआ?


ओडिशा में भी राज्यसभा चुनाव काफी रोचक रहा। यहां चार सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजू जनता दल, कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आए। क्रॉस वोटिंग ने चुनाव परिणाम को काफी प्रभावित किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने अपनी सीट जीत ली। भाजपा के ही सुजीत कुमार भी दोबारा राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे। सबसे दिलचस्प जीत पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय की रही, जो भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे। जानकारी के मुताबिक बीजेडी और कांग्रेस के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जिससे दिलीप राय की राह आसान हो गई। बीजेडी के संतृप्त मिश्रा भी चुनाव जीतने में सफल रहे।

Rajya Sabha Chunav: हरियाणा का हाल


हरियाणा में चुनाव से ज्यादा चर्चा मतपत्र की गोपनीयता को लेकर हुए विवाद की रही। मतदान के दौरान कुछ विधायकों पर आरोप लगा कि उन्होंने अपने मतपत्र अनधिकृत लोगों को दिखाए, जिससे नियमों का उल्लंघन हुआ। इसी मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई। कांग्रेस ने भाजपा विधायक और मंत्री अनिल विज के मत को अमान्य करने की मांग की, जबकि भाजपा ने कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह और भरत बेनीवाल के वोट पर सवाल उठाया। इन शिकायतों के कारण मतगणना करीब पांच घंटे तक रुकी रही। बाद में चुनाव आयोग ने मामले की जांच कर फैसला सुनाया। आयोग ने अनिल विज और भरत बेनीवाल के वोट को मान्य माना, जबकि कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह का वोट अमान्य घोषित कर दिया। इसके बाद देर रात मतगणना की प्रक्रिया फिर से शुरू की गई। अभी तक हरियाणा के परिणाम जारी नहीं हुए हैं।