2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

झारखंड में कभी भी बज सकता है चुनावी डंका! मुख्य निर्वाचन आयुक्त की रांची में मैराथन बैठकें जारी

Jharkhand Election: झारखंड में भाजपा, कांग्रेस, सीपीआई एम, आम आदमी पार्टी (आप), बहुजन समाज पार्टी और नेशनल पीपुल्स पार्टी के अलावा तीन क्षेत्रीय पार्टियों झारखंड मुक्ति मोर्चा, आजसू पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल मुख्य तौर पर चुनावी मैदान में है।

1 minute read
Google source verification

Jharkhand Election: झारखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा और राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में भारत के निर्वाचन आयोग की 12 सदस्यीय टीम रांची में है। सोमवार सुबह दिल्ली से रांची पहुंची टीम में निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू, वरीय उप निर्वाचन आयुक्त धर्मेंद्र शर्मा, नीतेश व्यास, मनीष गर्ग और उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार शामिल हैं। यह टीम दो दिनों तक पांच मैराथन बैठक करेगी। सबसे पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त रांची के होटल रेडिशन ब्लू में राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे हैं।

छह राष्ट्रीय पार्टियों भाजपा, कांग्रेस, सीपीआई एम, आम आदमी पार्टी (आप), बहुजन समाज पार्टी और नेशनल पीपुल्स पार्टी के अलावा तीन क्षेत्रीय पार्टियों झारखंड मुक्ति मोर्चा, आजसू पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के प्रतिनिधि बैठक में बुलाए गए हैं। प्रत्येक दल के प्रतिनिधि को अपनी बात रखने के लिए 12 मिनट का समय दिया गया है। दोपहर दो बजे के बाद आयोग की टीम इन्फोर्समेंट एजेंसियों से जुड़े 21 विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेगी।

इसके बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं नोडल ऑफिसर्स के साथ मतदाता सूची, बूथों के निर्धारण, पोलिंग पार्टियों के गठन, आदर्श आचार संहिता के अनुपालन सहित विभिन्न बिंदुओं पर दोपहर 3.30 बजे तीसरी बैठक होगी। शाम 5.30 बजे मुख्य निर्वाचन आयुक्त राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ बैठक करेंगे। मंगलवार को निर्वाचन आयोग की टीम राज्य के सभी पुलिस आईजी, डीआईजी, प्रमंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों, एसएसपी और एसपी के साथ सुबह नौ से लेकर दोपहर दो बजे तक बैठक करेगी। संभावना व्यक्त की जा रही है कि इस दो दिवसीय दौरे के दौरान समीक्षा बैठकों और स्थितियों का जायजा लेने के बाद निर्वाचन आयोग अक्टूबर में किसी भी समय राज्य में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है।