
Joshimath of Uttarakhand Land sinking, Asia's longest ropeway closed
उत्तराखंड के जोशीमठ की जमीन लगातार घंस रही है। इसका असर पहाड़ों में भी होने लगा है, जिसके कारण धीरे-धीरे पहाड़ भी धंसने लगे हैं। इस कारण से वहां के स्थानीय लोग पलायन करने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब तक वहां से 66 परिवार जमीन धंसने के कारण पलायन कर रहे हैं। घरों के दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आने से और लगातार जमीन धंसने से स्थानीय लोगों में भय का महौल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही स्थिति का जायजा लेने क्षेत्र का दौरा करने वाले हैं। इसके साथ ही आज एक एक्सपर्ट्स टीम भी जोशीमठ पहुंच रही है, जो लगातार जमीन धंसने के कारणों का पता लगाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन से लोगों को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए निर्देश दिए हैं।
जोशीमठ में जमीन धंसने के विरोध में लोगों ने आज बंद का आव्हान किया है, जिसका समर्थन टैक्सी यूनियन और व्यापार सभा के लोगों ने भी किया है। लोग लगातार सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रर्दशन कर रहे हैं। ऐसे में देहरादून की ओर जाने वाले रास्ते में जाम भी लग गया है। इस जाम में बड़ी संख्या में पर्यटकों की गाड़ियां फंस गई है।
एशिया की सबसे लंबी रोपवे हुई बंद
जोशीमठ में एशिया की सबसे लंबी रोपवे के टावर नंबर 1 के पास भी जमीन घंस गई है, जिसके चलते एशिया की सबसे लंबी रोपवे को बंद कर दिया गया है। वहीं जोशीमठ के मुख्य डाकघर में भी दरारें आ गई हैं, जिसके चलते उसे दूसरी जगह पर शिफ्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही लक्ष्मी नारायण मंदिर के आसपास भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने 8171748602 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिसमें कॉल करके प्रभावित लोग मदद मांग सकते हैं।
जमीन के नीचे से तेजी से रिस रहा है पानी
उत्तराखंड के जोशीमठ में अब तक 561 घरों में दरारें आ चुकी हैं। इसके साथ ही जगह-जगह पर जमीन के नीचे से तेजी से पानी रिस रहा है। न्यूज एजेंसी ने ऐसे ही मारवाड़ी की जेपी कॉलोनी में जमीन के अंदर से तेजी से पानी रिसने का एक वीडियो शेयर किया है।
मानव निर्मित व प्राकृतिक कारणों से डूब रहे हैं जोशीमठ के कई हिस्से
मीडिया रिपोर्ट की माने तो जोशीमठ के कई हिस्से मानव निर्मित व प्राकृतिक कारणों के कारण डूब रहे हैं। जमीन और पहाड़ों में दराने आने का कारण लगातार पेड़ो की कटाई को मांना जा रहा है। इसके साथ ही जोशीमठ में कई जगहों पर खुदाई भी की जा रही हैं, जिसके कारण मकानों व दुकानों में दरारें आ रही हैं।
सरकार से तुरंत समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं स्थानीय लोग
न्यूज एजेंसी से एक स्थानीय महिला ने बात करते हुए कहा कि "दरारों से कई लोग घर खाली करके चले गए हैं। सरकार तुरंत समाधान निकाले। हम घरों के बाहर रहने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय अपने घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटक रहे हैं।"
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Updated on:
05 Jan 2023 03:01 pm
Published on:
05 Jan 2023 02:59 pm

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