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कर्नाटक चुनाव बजरंग बली के सहारे: BJP बोली- ‘जय’ बोलकर दें वोट, कांग्रेस ने कहा- नए मंदिर बनवाएंगे

Karnataka Assembly Elections 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार में बजरंग बली पर सियासत तेज हो चली है। कांग्रेस द्वारा घोषणा पत्र में बजरंग दल को बैन किए जाने की बात कहने के बाद भाजपा हमलावर है। भाजपा के हमलों के बाद अब कांग्रेस ने राज्य में जगह-जगह हनुमान मंदिर बनवाने की घोषणा की है।  

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PM Modi Bajrang Bali DK Shivkumar

PM Modi Bajrang Bali DK Shivkumar

Karnataka Assembly Elections 2023: कर्नाटक चुनाव प्रचार अब बजरंग बली पर आ टिकी है। भाजपा बजरंग बली की जय बोलकर वोट देने की अपील कर रही है। तो दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि सत्ता में आए तो राज्य में जगह-जगह हनुमान मंदिर बनवाएंगे। कर्नाटक के कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने गुरुवार को राज्य में हनुमान मंदिर बनाने की बात कही। इससे पहले कांग्रेस ने घोषणापत्र में नफरत फैलाने वाले संगठन बजरंग दल पर नकेल कसने की बात कही थी। जिसे भाजपा ने लपकते हुए बजरंग बली की पूजा करने वाले को जेल में बंद करना करार दिया था। पीएम मोदी सहित अन्य भाजपा नेताओं द्वारा इस मसले पर लगातार हो रहे हमले के बीच अब कांग्रेस ने पूरे राज्य में बजरंग बली की मंदिर बनवाने की बात कही है। गुरुवार को कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने चामुंडेश्वरी मंदिर का दौरा करने के बाद कहा कि भगवान हनुमान के सिद्धांतों को युवाओं तक लेकर जाएंगे। राज्य में जगह-जगह हनुमान मंदिर बनवाएंगे।



भगवान हनुमान के विचारों को घर-घर तक पहुंचाएगेः शिवकुमार

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा कि बीजेपी की हनुमान मंदिर का लेकर स्थिति साफ नहीं है। भगवान हनुमान के विचारों को पहुंचाने के लिए हम हर तालुका पर जागरूकता फैलाएंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग बजरंगबली के रास्ते पर चले। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सरकार बनने पर पूरे राज्य में जगह-जगह हनुमान मंदिर बनवाएंगे।


हनुमान मंदिर को लेकर गठित किया जाएगा स्पेशल बोर्ड

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि हनुमान मंदिर को लेकर कैसा काम चल रहा है, इस पर एक स्पेशल बोर्ड भी गठित किया जाएगा। मालूम हो कि कर्नाटक में कांग्रेस के घोषणापत्र में बजरंग दल और पीएफआई जैसे संगठनों पर एक्शन के वायदों के बाद से बयानबाजी तेज हो गई है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस को घेरते हुए कह रहे हैं कि यह भगवान हनुमान की पूजा करने वालों को ताले में बंद करने की कोशिश है।


कर्नाटक में बजरंग बली पर कैसे शुरू हुई सियासत


दरअसल कर्नाटक चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में कहा कि हमारा मानना है कि कानून और संविधान पवित्र हैं। कोई व्यक्ति या बजरंग दल, पीएफआई और नफरत एवं शत्रुता फैलाने वाले दूसरे संगठन, चाहे वह बहुसंख्यकों के बीच के हों या अल्पसंख्यकों के बीच के हों, वे कानून और संविधान का उल्लंघन नहीं कर सकते। हम ऐसे संगठनों पर कानून के तहत प्रतिबंध लगाने समेत निर्णायक कार्रवाई करेंगे। बजरंग दल पर कार्रवाई की बात को भाजपा ने बजरंग बली की पूजा करने वालों को जेल भेजना बता दिया।


पीएम की रैलियों में लगे थे बजरंग बली के नारे

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार (3 मई) को कर्नाटक में अपनी तीनों जनसभाओं के दौरान ‘जय बजरंग बली’ के नारे लगाए। उनके इस कदम को कांग्रेस के उस वादे की काट के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें उसने अपने चुनावी घोषणापत्र में दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया है। पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में बजरंगबली को ताले में बंद करने का निर्णय लिया है। पहले उन्होंने प्रभु श्री राम को ताले में बंद किया और अब ‘जय बजरंगबली’ बोलने वालों को ताले में बंद करने का संकल्प लिया है।

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