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‘हिजाब’ पर कर्नाटक के शिक्षा मंत्री के बयान पर बवाल! जानिए क्या है पूरा मामला

कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बी.सी. नागेश ने हिजाब को लेकर रहे विरोध मामले को राजनीतिक बताया है। उन्होंने अपने बयान में कहा, "अब तक सभी बच्चे नियम का पालन कर रहे हैं। कोई भी संस्थान हो, यदि वे एक नियम बनाते हैं, तो जो छात्र पढ़ना चाहते हैं उन्हें बाध्य होना चाहिए।"

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Mahima Pandey

Jan 21, 2022

Karnataka education MInsiter remark on HIjab stires controversy

Karnataka education MInsiter remark on HIjab stires controversy

कर्नाटक के उडुपी में गवर्नमेंट गर्ल्स प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज में छह छात्राओं को हिजाब पहनने की अनुमति देने से इनकार करने से जुड़ा विवाद जारी है। अब इस मामले में कर्नाटक के शिक्षा मंत्री के बयान से मुद्दा और गरमा गया है। अभी भी छात्राएं अपनी मांग को अड़ी हुई हैं। छात्रों का कहना है कि वो तब तक विरोध करती रहेंगी जब तक उन्हें कक्षाओं में हिजाब पहनने की अनुमति नहीं दी जाती। वहीं, ये मुद्दा अब देशभर में जोर पकड़ रहा है।

विरोध जारी रखने पर अड़े

कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के स्टेट कमेटी के सदस्य मसूद मन्ना ने कहा, 'ये शिक्षा के अधिकार और धर्म का पालन करने के अधिकार का उल्लंघन है। ये छात्र आने वाली पीढ़ियों के लिए कक्षाओं में भाग लेने के दौरान हिजाब पहनने के लिए लड़ रही हैं।' इसके बाद उन्होंने कहा, 'यदि सरकार कोई समाधान नहीं देती है तो हम विरोध जारी रखेंगे। छात्रों को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।'

क्या कहा था कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने?

कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बी.सी. नागेश ने इस मामले को राजनीतिक बताया है। उन्होंने अपने बयान में कहा, "अब तक सभी बच्चे नियम का पालन कर रहे हैं। कोई भी संस्थान हो, यदि वे एक नियम बनाते हैं, तो जो छात्र पढ़ना चाहते हैं उन्हें बाध्य होना चाहिए। अब तक यूनिफॉर्म नियम का पालन किया गया था और अब ये सभी अचानक क्यों बदल गए?"

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'ये विरोध राजनीतिक है'

शिक्षा मंत्री ने आगे कहा, "इतने दिनों से धार्मिक स्वतंत्रता कहाँ गायब थी? यह राजनीतिक है। कक्षा में हिजाब (Hijab) पहनकर बैठना सरासर अनुशासनहीनता है। क्या होगा यदि दूसरे अपनी इच्छा के अनुसार कपड़े पहनना शुरू कर दें? क्या हमें उन्हें अनुमति देनी है, छात्र आधे कपड़े में आएंगे, क्या हमें उन्हें अनुमति देनी है?"

शिक्षा मंत्री ने शिक्षा को धार्मिक रंग देने वालों के खिलाफ कहा, "क्या आप चाहते हैं कि स्कूल धार्मिक केंद्र हों? इस्लाम धर्म के 100 से अधिक बच्चे बिना किसी समस्या के यहाँ पढ़ रहे हैं। उनमें से कुछ को ही यूनिफॉर्म पहनने में समस्या है। स्कूल धर्म का प्रचार करने की जगह नहीं है।”

कैसे शुरू हुआ था विवाद ?

विवाद की शुरुआत कुछ समय पहले उडुपी के गवर्नमेंट गर्ल्स प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में 8 मुस्लिम छात्रों को कक्षा में बैठने की अनुमति न देने की अनुमति के बाद हुई थी। कुछ छात्राएँ क्लास में हिजाब पहनकर आई तो कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें क्लास से बाहर निकाल दिया। इसके बाद इन छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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