
कांग्रेस नेता शशि थरूर (सोर्स: ANI)
Shashi Tharoor: आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन (UDF) की सरकार भारी बहुमत से बनने जा रही है। थरूर ने मौजूदा वामपंथी सरकार (LDF) को सत्ता से बेदखल करने के लिए मतदाताओं से सत्ता विरोधी वोटों को न बांटने की पुरजोर अपील की है। उनका स्पष्ट मानना है कि इस बार के केरल चुनाव में राज्य की जनता एक बड़े बदलाव के लिए पूरी तरह से तैयार है।
शशि थरूर ने माना कि खाड़ी देशों में रहने वाले अनिवासी भारतीय मतदाता इस बार बड़ी संख्या में वोट डालने नहीं आ पा रहे हैं। पहले के चुनावों में ये मतदाता अक्सर चार्टर्ड फ्लाइट्स बुक करके अपने मताधिकार का प्रयोग करने आते थे। मौजूदा परिस्थितियों में ऐसा न हो पाने से थोड़ी निराशा जरूर है। हालांकि, थरूर का कहना है कि एनआरआई वोट महत्वपूर्ण जरूर हैं, लेकिन जीत-हार का अंतिम फैसला यहीं रहने वाले स्थानीय निवासियों के हाथ में ही होता है। कोझिकोड में उन्होंने कई एनआरआई संगठनों से मुलाकात भी की।
अब तक राज्य की 55 विधानसभा सीटों पर सघन चुनाव प्रचार कर चुके थरूर अपनी पार्टी की जीत को लेकर काफी आश्वस्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रचार के दौरान स्थानीय लोगों का भारी उत्साह देखने को मिला है। अब वे अपने गृह क्षेत्र तिरुवनंतपुरम लौटकर मतदान करेंगे और वहां अंतिम दौर के प्रचार में हिस्सा लेंगे। उन्हें पूरे राज्य से बेहद सकारात्मक नतीजे मिलने की उम्मीद है।
भाजपा के प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर शशि थरूर ने सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा का कोई खास जनाधार नहीं है और यह महज एक 'शून्य सीट' वाली पार्टी है। थरूर के मुताबिक, अगर भाजपा इक्का-दुक्का सीटें जीत भी लेती है, तो भी इससे राज्य की राजनीति पर कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा। असल मुकाबला तो एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ही है।
ध्यान रहे कि केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे और 4 मई को मतगणना होगी। मौजूदा सरकार का कार्यकाल 23 मई को खत्म हो रहा है। इस बार चुनाव में करीब 2.69 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1.31 करोड़ पुरुष, 1.38 करोड़ महिलाएं और 227 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं। राज्य में एलडीएफ पिछले करीब एक दशक से सत्ता पर काबिज है, जिसे यूडीएफ इस बार कड़ी टक्कर दे रही है।
शशि थरूर के इस आत्मविश्वास भरे बयान ने केरल के चुनावी माहौल को और भी गरमा दिया है। विपक्षी दल इसे कांग्रेस का अति-आत्मविश्वास बताकर खारिज कर रहे हैं, वहीं यूडीएफ समर्थक इस बयान से उत्साहित हैं। यहां 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के दिन वोटिंग प्रतिशत पर सबकी पैनी नजर रहेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि सत्ता विरोधी लहर का फायदा यूडीएफ को मिलता है या एलडीएफ अपना किला बचाने में कामयाब रहती है। इस बार एनआरआई वोटर्स का कम संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचना, उन सीटों पर हार-जीत का अंतर तय कर सकता है जहां मुकाबला कांटे की टक्कर का होने वाला है। ( इनपुट : ANI)
Updated on:
05 Apr 2026 09:26 pm
Published on:
05 Apr 2026 09:24 pm
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