
केरल के पेराम्बरा की एक यात्री काफी चर्चा में बानी हुई है। दरअसल यह यात्री 55 वर्षीय नफीसुम्मा है। मनाली ट्रिप (Manali Trip) पर जाने पर धार्मिक गुरू ने नफीसुम्मा को सलाह दी उसका जवाब देते हुए महिला ने कहा, "मैंने हमेशा अपने समुदाय के प्रति सम्मान के साथ जीवन जिया है। लेकिन यात्रा पर जाने में क्या बुराई है? धर्म कहीं भी विधवा को यात्रा करने से नहीं रोकता।"
नफीसुम्मा की यात्रा को लेकर एक धार्मिक विद्वान की आलोचना के बाद, अब उनका परिवार मानसिक तनाव का सामना कर रहा है। हालाँकि, उन्होंने इस विवाद पर आगे कोई प्रतिक्रिया नहीं देने का फैसला किया है। उनकी बेटी जिफना ने सवाल किया, "मेरी माँ ने क्या गलत किया है?" उन्होंने आगे कहा कि इस स्थिति के कारण उनकी माँ घर से बाहर निकलने में असमर्थ हैं।
नफीसुम्मा दिसंबर में अपनी बेटी के साथ मनाली घूमने गई थीं। उनके साथ महिलाओं का एक समूह भी था। उन्होंने ही उनका हाथ थामा और बर्फ में उनका मार्गदर्शन किया। यात्रा के दौरान उनकी खुशी का इजहार करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
धार्मिक विद्वान इब्राहिम सकाफी पुजक्कट्टीरी ने एक भाषण में इस यात्रा की आलोचना करते हुए कहा कि एक कोने में ज़िक्र और सलावत (प्रार्थना) पढ़ने के बजाय, एक विधवा दूर देश में बर्फ में खेल रही थी। भाषण का वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिससे ऑनलाइन गरमागरम बहस छिड़ गई।
नफीसुम्मा ने 25 साल पहले अपने पति को खो दिया था, जब उनका सबसे छोटा बेटा सिर्फ़ सात महीने का था। दिहाड़ी मज़दूरी करके अपनी तीन बेटियों का पालन-पोषण करते हुए, उन्होंने आखिरकार उन सभी की शादी और घर बसाए जाने को देखा।
Updated on:
22 Feb 2025 10:31 am
Published on:
21 Feb 2025 03:42 pm
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