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स्वदेश दर्शन में केशोरायपाटन व जोधपुर भी शामिल

- संसद में राजस्थान

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स्वदेश दर्शन में केशोरायपाटन व जोधपुर भी शामिल

स्वदेश दर्शन में केशोरायपाटन व जोधपुर भी शामिल

नई दिल्ली। पर्यटन अवसरंचना के लिए शुरू की गई स्वदेश दर्शन योजना के दूसरे चरण में चिह्नित किए गए देश के 55 स्थानों में राजस्थान के बूंदी (केशोरायपाटन) व जोधपुर को भी शामिल किया गया है।

पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गुरुवार को राज्यसभा में नीरज डांगी के प्रश्न के उत्तर में बताया कि पर्यटन स्थलों के विकास के लिए इस योजना को स्वदेश दर्शन-2 के रूप में परिवर्तित किया गया है। साथ ही योजना को पांच हजार करोड़ रुपए की राशि से 31 मार्च 2026 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि साल 2014-15 में शुरू की गई स्वदेश दर्शन योजना के तहत विभिन्न राज्यों में 76 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।

खादी प्राकृतिक पेंट विकसित

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय ने खादी व ग्रामोद्योग आयोग की जयपुर स्थित इकाई कुमारप्पा राष्ट्रीय हाथ कागज संस्थान के माध्यम से खादी प्राकृतिक पेंट विकसित किया है। राज्यमंत्री भानुप्रताप सिंह वर्मा ने लोकसभा में जयपुर के सांसद रामचरण बोहरा को लिखित जवाब में बताया कि कच्चे माल के रूप में गाय के गोबर से बने इस पेंट की इकाइयां स्थापित करने के लिए अब तक 1608 लोगों को पांच दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया है, वहीं 118 उद्यमियों के साथ तकनीकी हस्तांतरण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें से 40 उद्यमियों ने प्राकृतिक पेंट का उत्पादन भी शुरू कर दिया है।

पांच साल में 4.63 लाख को नौकरी

कार्मिक राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्रसिंह ने राज्यसभा में डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को लिखित जवाब में बताया कि पिछले पांच सालों में केंद्रीय लोक सेवा आयोग, एसएससी व आरआरबी ने केंद्र सरकार में नियुक्ति के लिए 4,63,205 अभ्यर्थियों की सिफारिश की। इसके अलावा एसएससी व आरआरबी ने इस वित्तीय वर्ष में 1,03,196 उम्मीदवारों को नियुक्ति के लिए सिफारिश की है। सरकार मिशन मोड में भर्तियां कर रही है। सभी मंत्रालयों को रिक्त पद समय पर भरने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

उत्पादन कम, आयात ज्यादा

पेट्रोलियम मंत्री हरदीपसिंह पुरी ने चूरू के सांसद राहुल कस्वा को लिखित जवाब में माना कि देश में कच्चे तेल का उत्पादन कम हुआ और आयात बढ़ा है। उन्होंने बताया कि साल 2020-21 में देश में कच्चे तेल का उत्पादन 30.5 मिलियन मैट्रिक टन हुआ था। इसके अगले दो सालों में यह क्रमशः 29.7 व 29.2 एमएमटी रह गया। जबकि आयात 2020-21 में 196.5 एमएमटी से बढ़कर 2021-22 में 212.4 व 2022-23 में 232.7 एमएमटी हो गया है। देश में इन तीन सालों में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत भी 194.3 से बढ़कर 223 एमएमटी हो गई है।