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बिहार में BJP का सीट शेयरिंग फार्मूला तैयार, खुद इतनी सीटों पर लड़ेगी, चिराग-मांझी के खाते में कुल 7 सीट

Bihar NDA Seat Sharing Formula: आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार बीजेपी की तैयारियां पूरी हो चुकी है। बिहार की 40 सीटों पर बीजेपी ने अपने गठबंधन सहयोगियों के लिए सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तैयार कर लिया है।

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Bihar NDA Seat Sharing Formula: बीजेपी ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। हर राज्य के लिए अलग टारगेट रखा गया है। इसी टारगेट के तहत मिशन 2024 के लिए बीजेपी ने बिहार में लोक सभा की कम से कम 35 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। हालांकि चिराग पासवान ने तो लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सभी 40 सीटों पर जीत का दावा किया था। पिछली बार NDA ने बिहार में 40 में से 39 सीटें जीती थी। तब नीतीश कुमार की पार्टी NDA के साथ थी। अब पिछले लोकसभा चुनाव जैसे नतीजे दोहराने के मकसद से बीजेपी सीट बंटवारे पर भी ज्यादा फोकस कर रही है।


क्या है सीट शेयरिंग फार्मूला

बिहार में बीजेपी के साथ अब कोई बड़ी पार्टी नहीं है। इसलिए पार्टी बिहार की 40 सीटों में से 30-31 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्लान बना रही है। चिराग पासवान और पशुपति पारस गुट को मिलाकर 6 सीटें दी जा सकती हैं। अन्य सहयोगी दलों को एक-एक सीट पर चुनाव लड़ने का मौका मिल सकता है जिसमें उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी जैसे नेता शामिल हैं।

पिछली बार जब नीतीश कुमार की पार्टी जदयू NDA का हिस्सा थी तब बीजेपी और जदयू ने 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ा था और लोकजनशक्ति पार्टी 6 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। भाजपा की प्रचंड लहर में उस वक्त nda ने विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ कर दिया था। उस वक्त राजद को बिहार में एक भी सीट नहीं मिली थी। भाजपा और लोजपा ने सभी 23 सीटों पर जीत दर्ज किया वहीं जदयू को 17 में से 16 पर जीत नसीब हुई थी।

हर सीट पर नजर

इसी बीच बीजेपी ने बिहार में ऐसी दस सीटों की पहचान कर विशेष तैयारी शुरू कर दी है, जिन पर पिछले चुनाव में उसके सहयोगियों (JDU,LJP) ने जीत हासिल की थी। इन 10 सीटों में वाल्मिकी नगर, कटिहार, पूर्णिया, गया, झंझारपुर, सुपौल, मुंगेर, किशनगंज, नवादा और वैशाली शामिल हैं। पार्टी इन सीटों पर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहती। पिछले चुनाव में जिन लोकसभा सीटों पर जदयू और लोजपा के उम्मीदवारों को जीत मिली थी, वहां बीजेपी जमीनी स्तर पर काफी मजबूत है। ऐसे में बीजेपी इन सीटों पर जीत हासिल करने में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती।

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