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राजीव चंद्रशेखर खाता खोलेंगे या चौथी बार आएंगे शशि थरूर, जानिए कितने धनवान हैं दोनों नेता

Shashi Tharoor VS Rajeev Chandrasekhar Net Worth: एक तरफ तीन बार से चुनाव जीत रहे कांग्रेस प्रत्याशी शशि थरूर हैं तो उन्हें चुनौती दे रहे है भाजपा प्रत्याशी राजीव चंद्रशेखर। दोनों ही किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।

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Lok Sabha Elections 2024 : यों तो केरल पूरे साल गर्म रहता है, लेकिन इस बार केरल की राजधानी कुछ ज्यादा ही हॉट हो चली है। गर्मी की वजह से नहीं, बल्कि दो धुरंधरों के बीच 26 अप्रेल को होने जा रहे चुनावी मुकाबले के कारण। एक तरफ तीन बार से चुनाव जीत रहे कांग्रेस प्रत्याशी शशि थरूर हैं तो उन्हें चुनौती दे रहे है भाजपा प्रत्याशी राजीव चंद्रशेखर। दोनों ही किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। चंद्रशेखर अभी केन्द्र में मंत्री रह चुके हैं। दोनों की पहचान बुद्धिजीवी राजनेता के रूप में होती है।


थरूर से स्वीकार चंद्रशेयर की चुनौती

हाल ही में चंद्रशेखर ने थरूर को बहस की चुनौती दी तो थरूर ने तुरंत जबाव दिया, ‘मैं तैयार हूं।’ दोनों के बीच बहस होगी या नहीं ये तो वक्त बताएगा, लेकिन अगले 15 दिन देश की नजरें तिरुवनंतपुरम पर टिकी रहने वाली हैं। 59 वर्षीय चन्द्रशेखर और 67 वर्षीय थरूर दोनों ही हाई-प्रोफाइल चेहरे हैं। यहां पर लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट की ओर से भाकपा के 78 वर्षीय पन्नयन रवींद्रन खुद को एक दलित चेहरे के रूप में पेश कर रहे हैं। रवींद्रन ने 2005 में यहां जीत हासिल की थी। रवीन्द्रन की छवि एक सामान्य व्यक्ति की है।

सबसे लोकप्रिय कांग्रेस नेताओं में से एक हैं थरूर

संयुक्त राष्ट्र के पूर्व राजनयिक थरूर केरल में सबसे लोकप्रिय कांग्रेस नेताओं में से एक हैं। अक्टूबर 2022 में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हारने के बाद वे चर्चा का केन्द्र बन गए थे, क्योंकि उन्होंने खरगे को चुनौती दी थी। यहां तक कि 2014 के चुनावों में भी, जब उन्हें अपने सबसे कठिन चुनावों में से एक का सामना करना पड़ा था। अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर के निधन के बाद चुनौतियों के बीच थरूर अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे।

चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला

हालांकि उन्हें विश्वास है कि 2009 से एक सांसद के रूप में उनकी उपलब्धियों का उन्हें इस चुनाव में भी फायदा होगा। थरूर ने कहा कि मैंने 2009 में यह सीट उन कम्युनिस्टों से ली थी जिन्होंने पिछले दो चुनाव जीते थे। अब यहां त्रिकोणीय मुकाबला है और मैं किसी भी चुनाव को हल्के में नहीं लेता हूं।

केरल में बीजेपी के सामने चुनौती

यहां राजीव चन्द्रशेखर के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। चन्द्रशेखर की बड़ी चुनौती अपने मतदाताओं से परिचित होने की होगी, जबकि उनके दो प्रतिद्वंद्वी पहले से ही क्षेत्र में जाने-पहचाने चेहरे रहे हैं। केरल में भाजपा कभी भी लोकसभा सीट नहीं जीत पाई है। यहां 2019 के चुनाव में भाजपा के कुम्मनम राजशेखरन ने 31.3 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, जो राज्य के 20 लोकसभा क्षेत्रों में भाजपा को मिले मतों में सबसे अधिक हैं।


शशि थरूर के बारे में एक नजर

- थरूर ने टफ्ट्स विश्वविद्यालय से 22 वर्ष की आयु में अंतराष्ट्रीय संबंध और मामलों पर शोध उपाधि ली थी।
- उन्होंने 1 जून 2002 से 9 फरवरी 2008 तक संयुक्त राष्ट्र में संचार और सार्वजनिक सूचना अवर सचिव के रूप में कार्य किया।
- 28 मई 2009 से 18 अप्रेल 2010 तक विदेश राज्य मंत्री के पद पर कार्य किया।
- 28 अक्टूबर 2012 से 26 मई 2014 तक मानव संसाधन एवं विकास राज्य मंत्री के पद पर कार्य किया।

शशि थरूर की संपत्तिः

- कुल 55 करोड़ की संपत्ति
- इसमें 49 करोड़ की चल संपत्ति
- 534 ग्राम सोना - 32 लाख
- नकद 36000 रुपए
- 6.75 करोड़ की अचल संपत्ति
(शपथ पत्र के अनुसार)

राजीव चंद्रशेखर के बारे में एक नजर

- 1988 में कंप्यूटर विज्ञान में पीजी डिग्री ली।
- 2013 में विश्वेश्वरैया तकनीकी विश्वविद्यालय से पीएचडी की मानक उपाधि मिली।
- 1988 से 1991 तक विदेश में इंटेल कंपनी में नौकरी की।
- 1991 में भारत वापस आकर अपने ससुर का व्यापार (बीपीएल समूह) संभाला
- 1994 में बीपीएल कम्युनिकेशन लांच किया।
- 2005 में जुपिटर केपिटल नामक इन्वेस्टमेंट फर्म शुरू की
- 2006 में इसी इन्वेस्टमेंट फर्म के जरिए मीडिया क्षेत्र में निवेश किया।
- 2006 से अप्रेल 2018 तक कर्नाटक से निर्दलीय राज्यसभा सांसद रहे।
- 2018 में भाजपा की ओर से कर्नाटक से राज्यसभा सांसद चुने गए
- 2021 से कौशल विकास एवं उद्यम राज्य मंत्री हैं।

राजीव चंद्रशेखर की संपत्तिः

- परिवार की कुल संपत्ति 36 करोड़ है
- पिछले पांच वर्ष में 29 करोड़ कम हुई
(शपथ पत्र के अनुसार)

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