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Louis Marandi: कभी मुख्यमंत्री को हराया था चुनाव, अब उन्हीं की पार्टी से बनी उम्मीदवार

louis marandi: 2014 में लुईस मरांडी ने हेमंत सोरेन को 5,262 मतों से हराया था।

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भारतीय जनता पार्टी छोड़कर झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हुईं लुईस मरांडी को पार्टी ने संथाल परगना प्रमंडल में अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित जामा सीट से प्रत्याशी बनाया है। शुक्रवार को इसकी घोषणा पार्टी के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने की। अब तक पार्टी ने कुल 43 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और सीएम हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को लुईस मरांडी को जामा सीट पर उम्मीदवारी के लिए पार्टी का सिंबल सौंपा।

जामा सीट पर इसके पहले के तीन चुनावों में हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने झामुमो प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की थी। सीता सोरेन अब भारतीय जनता पार्टी में हैं। उन्हें पार्टी ने जामताड़ा से उम्मीदवार बनाया है। इसके पहले लुईस मरांडी 2014 में दुमका से भाजपा के टिकट पर विधायक रह चुकी हैं। उन्होंने तब झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी हेमंत सोरेन को 5,262 मतों से हराया था। इसके बाद वह राज्य में रघुवर दास के नेतृत्व वाली सरकार में पूरे पांच साल तक मंत्री भी रहीं। वह भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय सचिव भी रह चुकी हैं। वह इस बार भी दुमका सीट पर भाजपा के टिकट की दावेदार थीं। लेकिन, उनकी जगह पूर्व सांसद सुनील सोरेन इस सीट से उम्मीदवार बनाए गए हैं। इससे नाराज होकर लुईस मरांडी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की सदस्यता ले ली।

दो दिन पूर्व उन्होंने पार्टी के सुप्रीमो शिबू सोरेन से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया था। लुईस मरांडी की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर लिखा, "जामा विधानसभा के सभी अगुआ साथियों ने बड़ी बहन लुईस मरांडी के नेतृत्व जामा विधानसभा जीतने का प्रण लिया। जामा विधानसभा की महान जनता को एक अनुभवी नेतृत्व मिलने की बधाई।"

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