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प्यार के लिए नेनशू बनी नमन, 6 लाख के खर्च कर अपनी महिला प्रेमिका से रचाई शादी

Social Media Love Story: सोशल मीडिया से शुरू हुई दोस्ती प्यार में बदली, प्यार के लिए जेंडर चेंज कर नमन और अनीता की कहानी प्यार, पहचान और सामाजिक सीमाओं को तोड़ने की मिसाल बन गई।

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भारत

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Devika Chatraj

Jan 13, 2026

प्यार में नेनशू बनी नमन (AI Image)

Transgender Love Story: प्यार की वो ताकत, जो पहचान बदल दे, समाज की दीवारें तोड़ दे और सपनों को हकीकत में बदल दे। मध्य प्रदेश के अशोकनगर की नेनशू सूर्यवंशी ने अपने प्यार को पाने के लिए अपनी पहचान ही बदल दी। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत असम की अनीता राजवर से प्यार में बदल गई। विरोध, दूरी और चुनौतियों के बावजूद दोनों ने हिम्मत नहीं हारी और अपने प्यार को हासिल किया।

सोशल मीडिया से हुई दोस्ती

मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की पिपरई तहसील के छोटे से गांव बरखेड़ा की रहने वाली 25 वर्षीय नेनशू सूर्यवंशी की दोस्ती सोशल मीडिया के जरिए उत्तर-पूर्वी राज्य असम की रहने वाली अनीता से हुई। बातचीत का सिलसिला बढ़ा और दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। हालांकि यह प्यार आसान नहीं था क्योंकि दोनों जन्म से लड़कियां थीं।

नेनशू ने प्यार से जीता अनीता का दिल

नेनशू ने अनीता को बताया कि वह जन्म से लड़की होने के बावजूद खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से लड़के की तरह महसूस करती है। उसने यह भी कहा कि वह भविष्य में जेंडर चेंज सर्जरी कराकर पुरुष बन सकती है। शुरुआत में अनीता को इस बात पर विश्वास नहीं हुआ। उसने साफ कहा कि “हम दोनों लड़कियां हैं, ऐसा कैसे हो सकता है?” लेकिन नेनशू के बार-बार प्यार के इजहार और ईमानदारी ने अनीता का दिल जीत लिया।

असम में हुई पहली मुलाकात

दोनों ने सोशल मीडिया के बाद असम में मुलाकात की। नेनशू करीब 6 दिन तक अनीता के घर रही। आमने-सामने मिलने और साथ समय बिताने के बाद अनीता को नेनशू की भावनाओं पर भरोसा हो गया। यहीं से दोनों का रिश्ता मजबूत हुआ।

साथ मिलकर बनाई नई पहचान

असम से लौटने के करीब 6 महीने बाद, दोनों ने अपने-अपने घर छोड़ने का बड़ा फैसला लिया और इंदौर आ गईं। यहां दोनों ने नौकरी की, कड़ी मेहनत की और तीन साल में करीब 6 लाख रुपये जमा किए। इस संघर्ष के पीछे सिर्फ एक ही मकसद था अपनी पहचान और अपने प्यार को पूरी दुनिया के सामने सच करना।

नेनशू बनी नमन

इसके बाद दोनों दिल्ली पहुंचीं, जहां नेनशू ने 5 महीनों में 3 जटिल सर्जरियां कराईं। इस दौरान उसे काफी शारीरिक दर्द और मानसिक संघर्ष झेलना पड़ा, लेकिन उसने हार नहीं मानी। आखिरकार नेनशू ने अपनी पहचान पाई और वह नमन सूर्यवंशी बन गई।

परिवार ने अपनाया दोनों का प्यार

शुरुआत में दोनों के परिवारों ने इस रिश्ते का विरोध किया, लेकिन समय के साथ उन्होंने नमन और अनीता के प्यार को स्वीकार कर लिया। आज नमन अपने गांव बरखेड़ा (पिपरई, अशोकनगर) में अनीता के साथ रह रहे हैं। परिवार का कहना है कि “हमें नेनशू का नमन बनना अच्छा लग रहा है, वह अब खुश है।”

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