4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महुआ मोइत्रा को कोई ताकत नहीं बचा सकती, जानिए ऐसा क्यों बोले एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष

'सवाल के बदले नकद' विवाद में महुआ मोइत्रा की मुश्किलें कम होती दिखाई नहीं दे रही है।

2 min read
Google source verification
mahua_pic.jpg

कथित 'सवाल के बदले नकद' विवाद में फंसीं तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के संसद की एथिक्स कमेटी के साथ बैठक से बाहर निकलने के कुछ ही क्षण बाद पैनल के अध्यक्ष विनोद सोनकर ने कहा कि वह सवाल का जवाब देने की बजाय असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करने लगीं। सोनकर ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, "एथिक्स कमेटी का उद्देश्य उनके खिलाफ आरोपों की जांच करना था। सहयोग करने के बजाय वह क्रोधित हो गईं और विपक्षी सांसदों उत्तम कुमार रेड्डी, दानिश अली व गिरधारी यादव के साथ मिलकर अध्यक्ष व समिति के खिलाफ असंसदीय शब्‍दों का इस्‍तेमाल करने लगीं। उन्‍होंने अनैतिक सवाल पूछने का आरोप भी लगाया।" उन्होंने कहा कि महुआ दर्शन हीरानंदानी के आरोपों का सामना कर रही हैं, उन्‍हें जवाब देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने मुद्दे को भटका दिया। इसी बारे में बात करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि अब महुआ मोइत्रा को कोई ताकत नहीं बचा पाएगी।

आगे की कार्रवाई कमेटी करेगी- सोनकर

सोनकर ने कहा कि कमेटी अब आगे की कार्रवाई तय करेगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या कमेटी ने उनसे व्यक्तिगत और अनैतिक सवाल पूछे, जैसा कि महुआ ने आरोप लगाया है, तो उन्होंने कहा, "उन्होंने केवल खुद को सवालों से बचाने के लिए इस चाल का इस्तेमाल किया।"

इससे पहले दिन में महुआ मोइत्रा ने बैठक के संचालन के तरीके पर सवाल उठाते हुए विपक्षी सांसदों के साथ कमेटी की बैठक से बाहर चली गईं। बेहद गुस्से में दिख रहीं महुआ ने एथिक्स कमेटी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे गंदे और अनैतिक सवाल पूछ रहे थे और यह भी जानना चाहते थे कि क्या उनकी आंखों में आंसू थे।

आज दूसरी बार कमेटी के सामने आई महुआ

महुआ मोइत्रा अपने ऊपर लगे आरोपों के सिलसिले में दूसरी बार समन किए जाने के बाद गुरुवार को एथिक्स कमेटी के सामने पेश हुई थीं। सूत्रों के अनुसार, कमेटी के सदस्य प्रासंगिक और उचित प्रश्‍न नहीं पूछ रहे थे। सूत्र ने बताया कि कमेटी के सदस्यों ने उनसे पूछा कि वह किस दिन किसके साथ यात्रा करती हैं, जिसका विपक्षी सांसदों ने विरोध किया।

पूछताछ शुरू होने के तुरंत बाद महुआ मोइत्रा को संसदीय एथिक्स कमेटी की बैठक से विपक्षी सांसदों के साथ गुस्से में बाहर निकलते देखा गया। महुआ मोइत्रा ने बुधवार को एथिक्स कमेटी को पत्र लिखकर शिकायतकर्ता और सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई और दुबई स्थित व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से जिरह करने की मांग की थी।

एथिक्स कमेटी भाजपा सांसद दुबे के आरोपों की जांच कर रही है कि मोइत्रा ने बिजनेसमैन हीरानंदानी के कहने पर बिजनेसमैन गौतम अडानी पर लोकसभा में सवाल पूछने के लिए नकद और उपहार लिया। पिछले गुरुवार को दुबे और वकील जय अनंत देहाद्राई ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ पैनल को "मौखिक साक्ष्य" दिए।