
Mango Diplomacy: भारत, बांग्लादेश के हालात को लेकर चिंतित है तो दूसरा पड़ोसी देश पाकिस्तान की मैंगो डिप्लोमेसी कर रहा है। नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के दफ्तर से राहुल गांधी समेत सात विपक्षी नेताओं को आम की टोकरियां भेजी गईं। बता दें कि आम को कूटनीति के रूप में इस्तेमाल किए जाने की पुरानी परंपरा रही है। भारत भी इससे अछुता नहीं है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान उच्चायोग की राजनयिक शाखा के रूप में आज जिन लोगों को आम की टोकरियाँ भेजी गईं, उनमें राहुल गांधी, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल, तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर, उत्तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्ला शामिल हैं। नदवी, समाजवादी पार्टी सांसद जियाउर्रहमान, गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी और कैराना समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन शामिल हैं।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भी मैंगो डिप्लोमेसी करती रही हैं। सत्ता में आने के बाद से उन्होंने लगभग हर साल भारत के प्रधान मंत्री और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को आम भेजे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को भी आम भेजे है। आमों को नई दिल्ली और कोलकाता में बांग्लादेश उच्चायोग कार्यालयों के माध्यम से प्राप्तकर्ताओं तक पहुंचाया जाता है।
पाकिस्तान की इस मैंगो डिप्लोमेसी पर भाजपा भड़क गई है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है, "कुछ समय पहले राहुल गांधी ने कहा था कि उन्हें उत्तर प्रदेश के आम पसंद नहीं हैं. अब पाकिस्तान दूतावास ने राहुल गांधी को आम भेजे हैं. उन्हें बताना चाहिए कि उन्हें और कौन सी चीजें पसंद हैं. राहुल गांधी बताएं क्या मोदी को हटाएं" का कोई नया माँगने गए हैं पाकिस्तान से।''
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत-चीन युद्ध से पहले 1950 के दशक में भारत के चीन के साथ राजनयिक संबंध थे। कूटनीति का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रिश्ते और दोस्ती को मजबूत करना है। दोनों देशों के बीच कई जटिल मुद्दों को कूटनीतिक प्रक्रिया के जरिए सुलझाया जा सकता है।
Updated on:
08 Aug 2024 10:33 am
Published on:
08 Aug 2024 10:30 am
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