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Manipur Violence: हिंसा से जुड़े फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए तो होगी जेल, गृह विभाग का आदेश

Manipur Violence: 3 मई को कुकी और मैतेई के बीच शुरू हुई हिंसा की आग अभी भी मणिपुर में शांत नहीं हुई है। इसी बीच मणिपुर की बिरेन सरकार ने इंटरनेट पर जारी बैन को 5 दिनों और बढ़ाने का आदेश दिया है। साथ में यह भी बताया गया है कि सोशल मीडिया पर हिंसा से संबंधित कंटेंट शेयर करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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Violent Content Sharing Banned in Manipur: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर पिछले 5 महीने से कुकी और मैतेई समुदाय के बीच जारी जातीय हिंसा की आग में जल रहा है। अब मणिपुर की बिरेन सरकार किसी भी हाल में नए सिरे से हिंसा न भड़कने इसके लिए एहतियातन कदम उठाने में कोई देरी नहीं कर रही है। इसि बीच बुधवार (11 अक्टूबर) को प्रदेश सरकार ने आदेश जारी करते हुए बताया कि यहां कहीं भी हिंसा का फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इस आदेश में मोबाइल इंटरनेट सर्विस पर भी लगी पाबंदी को और 5 दिनों तक जारी रखने को कहा गया है। बता दें कि तीन दिन पहले यानी सोमवार को कूकी-जोमी व्यक्ति को जलाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद बिरेन सरकार ने ये फैसला लिया है। अपने आदेश में राज्य सरकार ने सख्त लहजे में कहा कि वह हिंसा की तस्वीरें और वीडियो शेयर करने वाले लोगों पर मामला दर्ज करेगी और मुकदमा चलाएगी।

इन धाराओं में होगी कार्रवाई

गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार हिंसक गतिविधियों के फोटो और वीडियो को "बहुत गंभीरता से और अत्यंत संवेदनशीलता के साथ" ले रही है। कोई ऐसी चीज शेयर न करें जिस वजह से दोबारा भीड़ इकट्ठा हो और सरकारी संपत्ति अथवा जान माल का नुकसान हो। इन गतिविधियों के कारण राज्य की कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।

इस आदेश में यह भी कहा गया कि अगर किसी भी व्यक्ति के पास ऐसी तस्वीरें या वीडियो है तो उसे यथाशीघ्र निकटतम पुलिस थाने को दें। लेकिन अगर आप इसे शेयर करते हैं तो आप हिंसा/नफरत भड़काने के लिए टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग करते हुए पाए जाएंगे और आप पर आईटी अधिनियम और आईपीसी के प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज होगा। इसी बीच यहां इंटरनेट पर लगी पाबंदी को 16 अक्टूबर तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

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