
CM बिरेन सिंह ने उपद्रवियों को दी चेतावनी, कहा- हिंसा बंद करें या परिणाम भुगतने को तैयार रहें
manipur violence Update: मणिपुर के कई हिस्से इस वक्त जातीय हिंसा की आग में जल रहे हैं। इस मुद्ददे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (N Biren Singh) ने लोगों को चेतावानी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने राज्य में हिंसा बंद नहीं की तो, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे। उनसे सख्त तरीके से निपटा जाएगा। जिस अंदाज में सिंह ने उपद्रवियों को चेताया, यह एक प्रकार से उनके खिलाफ होने वाले कार्रवाई की सुगबुगाहट है। उन्होंने रविवार रात पश्चिम इंफाल जिले में उपद्रवियों की ओर से अचानक की गई गोलीबारी में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए तैनात एक सैनिक को गोली लगने पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही।
हिंसा पीड़ितों के लिए 3000-4000 प्री-फैब्रिकेटेड घर बनाया जाएगा: सीएम
बार- बार यह सवाल उठ रहा था की केंद्र और राज्य की सरकार मणिपुर में भड़की हिंसा पर एकदम चुप क्यों है। यहां के सीएम पर हर तरफ से दवाब था। जिसके बाद आज मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने पत्रकारों से इस मुद्दे पर बात करते हुए कहा की राज्य में स्थिति को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में जारी हिंसा के दौरान अपने घरों से भागे लोगों को बसाने के लिए उनकी सरकार तैयारी कर रही है। तीन से चार हजार प्री-फैब्रिकेटेड घरों का निर्माण किया जायेगा। कुछ राहत शिविरों का दौरा करने के बाद सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि प्री-फैब्रिकेटेड घर दो से ढाई महीने में तैयार हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, हिंसा से लोग परेशान हैं, बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए हैं। राज्य सरकार उन्हें अस्थायी रूप से ठहराने के लिए प्री-फैब्रिकेटेड घरों का निर्माण करने जा रही है, जब तक कि उन्हें उनके पिछले स्थानों पर स्थानांतरित करने की स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती है।
उन्होंने कहा कि लगभग तीन से चार हजार ऐसे घर बनाए जाएंगे और इसके लिए जरुरी सामानों का ऑर्डर दिया जा चुका है। सारा सामान 10-15 दिनों में राजधानी इंफाल पहुंच जाएगी। जिसके बाद घरों का निर्माण शुरू किया जाएगा। सरकार द्वारा गठित टीम घरों को स्थापित करने के लिए उचित जगह की तलाश कर रही है।
प्री-फेब्रिकेटेड घर के बारे में जानिए
अगर आपके मन में यह सवाल उठ रहा है की प्री-फैब्रिकेटेड कैसा होता है, इस घर की खासियत क्या है तो आपको बता दें की प्री-फैब्रिकेटेड घर रेडीमेड स्ट्रक्चर होते हैं जो किसी दुसरे जगहों पर बनाए जाते हैं और उसे उस जगह पर असेंबल किए जाते हैं जहां घरों को स्थापित किया जाता है।
इसमें स्टील का ज्यादा उपयोग किया जाता है। घर का पूरा सामान फैक्ट्रियों में तैयार किया जाता है। घर के ढांचे का स्टील फ्रेम तैयार कर लिया जाता है। इसी तरह दीवारों के लिए फाइबर सीमेंट मिक्स बोर्ड तैयार कर लिए जाते हैं। इसके बाद जिस स्थान पर इसे फिट किया जाना है वहां पर मजबूती के हिसाब से जमीन में गहराई तक सीमेंट और स्टील का मजबूत बेस तैयार किया जाता है।
घर का जहां निर्माण होता है वहां पर सीमेंट का बहुत कम उपयोग होता है। स्टील फ्रेम व फाइबर-सीमेंट बोर्ड को निर्माण स्थल पर केवल नट-बोल्ट से कसने का काम शेष रहता है। इस तरह के निर्माण की तकनीक से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से कई मंजिल ऊंची इमारतें बेहद ही कम समय में बनाई जा सकती हैं। बता दें कि कोरोना के समय में भी इसी तकनीक से देश के कई जगहों में अस्पताल तैयार किए गए थे। जिसकी वजह से लोगों को काफी मदद मिली थी।
Published on:
19 Jun 2023 09:50 pm

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