Martyr Captain Anshuman Singh Wife Smriti Singh: हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मरणोपरांत कैप्टन अंशुमान सिंह को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया। उन्होंने अपने शौर्य का परिचय देते हुए भयावह आग की लपटों के बीच कई लोगों को बचाकर अपना अदम्य साहस दिखाया था।
Martyr Captain Anshuman Singh Wife Smriti Singh: शहीद अंशुमान के माता-पिता के आरोपों का जवाब देते हुए उनकी पत्नी स्मृति ने उनकी सोच पर सवाल उठाया है। सियाचिन में शहीद हुए कैप्टन अंशुमान को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया, जिसे उनकी पत्नी स्मृति ने स्वीकार किया था। सम्मान समारोह के दौरान स्मृति ने अंशुमान के साथ अपने प्यार की कहानी साझा की। इसके कुछ ही दिनों बाद शहीद अंशुमान के माता-पिता ने स्मृति पर गंभीर आरोप लगाए जिसमें उन्होंने कहा कि स्मृति उन्हें छोड़कर जा चुकी है और उन्होंने वह एटीएम भी ब्लॉक करवा दिया है, जिसे अंशुमान की मां उपयोग करती थीं। इस विवाद ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
शहीद अंशुमान के माता-पिता के चौंकाने वाले आरोपों का जवाब देते हुए उनकी पत्नी स्मृति सिंह ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। स्मृति ने अपने सास-ससुर की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा है कि "जिसकी जैसी सोच है, वह वैसा ही कहेगा।" स्मृति ने अंशुमान के माता-पिता का वीडियो मांगा है ताकि वह आरोपों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं और इसलिए इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। वीडियो देखने के बाद ही वह उचित जवाब देंगी। बता दें कि स्मृति पेशे से इंजीनियर हैं और उनके माता-पिता स्कूल के हेडमास्टर हैं। स्मृति के पिता ने भी इन आरोपों पर कोई जवाब देने से इनकार कर दिया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पांच जुलाई को शहीद अंशुमान सिंह की पत्नी स्मृति सिंह को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया था। इसके कुछ ही दिनों बाद अंशुमान के माता-पिता ने गंभीर आरोप लगाए कि उनकी बहू स्मृति उनके बेटे की कीर्ति चक्र लेकर भाग गई है। उन्होंने पत्रकार से यह भी कहा था कि अब उनके पास अपने बेटे की कोई निशानी नहीं है। शहीद अंशुमान के माता-पिता ने नियमों में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि बहुएं भाग जाती हैं, इसलिए माता-पिता का भी सम्मान होना चाहिए। अंशुमान की मां ने विशेष रूप से यह बात कही थी, जिससे यह मामला और भी अधिक संवेदनशील हो गया।
अंशुमान के माता-पिता द्वारा लगाए गए सबसे चौंकाने वाले आरोपों में से एक था एटीएम कार्ड को ब्लॉक करवाना और पोस्टपेड सिम को प्रीपेड में बदलवाना। अंशुमान की मां ने बताया कि एटीएम कार्ड वह उपयोग करती थीं, जो अंशुमान के बैंक अकाउंट का था और उन्होंने खुद अपनी मां को दिया था। इसके अलावा, अंशुमान के नाम पर चल रहा पोस्टपेड सिम भी परिवार के सदस्य इस्तेमाल करते थे, जिसे स्मृति ने प्रीपेड में बदलवाकर परिवार के सदस्यों को हटा दिया। जब इस बारे में पता करने पर कंपनी ने बताया कि फोन करके सिम बंद करवाया गया था। इन आरोपों ने विवाद को और बढ़ा दिया है और मामले की गंभीरता को उजागर किया है।