
MHA Issues Issued Advisory to States UTs on Ropeways
झारखंड के देवघर में त्रिकूट पर्वत रोप वे हादसे के बाद पूरे 45 घंटों बाद बचाव अभियान समाप्त हो सका। ये घटना 10 अप्रैल को हुई थी जब रोपवे अपनी अंतिम यात्रा कर रहा था। एक ट्रॉली दूसरे ट्रॉली से टकराया और फिर जाकर चट्टान से लड़ गया। 18 ट्रॉली हवा में फंस गईं जिसमें 59 लोग थे। सेना ने 46 जिंदगियां बचा लीं लेकिन 4 लोगों की इस हादसे में मौत भी हुई है। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है जिसके बाद गृह मंत्रालय ने राज्य व केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है।
इस एडवाइजरी में गृह सचिव अजय भल्ला ने इस दुखद घटना में चार लोगों की मौत पर दुख जताया है और कहा है कि एक एक ज़िंदगी कीमती है।
एडवाइजरी में गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा, "मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा कि रोपवे परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए, BIS मानक पहले ही निर्धारित किए जा चुके हैं, जिनका ईमानदारी से पालन करने की आवश्यकता है। इस संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास (NHIDCL) से लिया जा सकता है, जो सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के तहत नोडल संगठन है।"
प्रत्येक रोपवे परियोजना के लिए, एक रखरखाव मैनुअल मिस्ट तैयार किया जाना चाहिए। रखरखाव नियमावली के अलावा, एक मैन्ट्नन्स प्रोग्राम होना चाहिए ताकि सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। गृह मंत्रालय ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से रोपवे परियोजनाओं का सुरक्षा ऑडिट करने के लिए भी कहा है। इसके साथ ही एडवाइजरी में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी रोपवे से जुड़े ऑपरेशन की समीक्षा करने के लिए कहा है ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी कोई घटना न हो।
Updated on:
13 Apr 2022 07:28 am
Published on:
12 Apr 2022 09:40 pm
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