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दुनियाभर में सैन्य खर्च अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, भारत चौथे नंबर पर कायम

स्वीडन के स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में वैश्विक सैन्य खर्च रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

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दुनिया में हथियारों, गोला-बारूद और दूसरे सैन्य साजो-सामान पर विभिन्न देश इस समय जितना खर्च कर रहे हैं, उतना इससे पहले कभी नहीं हुआ। स्वीडन के स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में वैश्विक सैन्य खर्च रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह 2022 के मुकाबले 6.8 फीसदी बढक़र 24.4 खरब डॉलर हो गया। यह 2022 में 22.4 खरब डॉलर था। सबसे ज्यादा खर्च करने वाले 2022 में जो पांच देश थे, वे 2023 में अपने-अपने स्थान पर बरकरार हैं। भारत चौथे नंबर पर है।

रिपोर्ट के मुताबिक 2009 के बाद एक साल में वैश्विक सैन्य खर्च में यह सबसे बड़ी वृद्धि है और लगातार नौवां साल है, जब खर्च बढ़ा है। रूस-यूक्रेन युद्ध की भी इस वृद्धि में बड़ी भूमिका है। सिपरी के शोधकर्ता लॉरेंजो स्काराजातो का कहना है कि बढ़ते सैन्य खर्च से संकेत मिलता है कि दुनिया सुरक्षा के लिए कूटनीति के बजाय दूसरे तरीकों की ओर जा रही है।

इजरायल व ईरान के खर्च में भी बढ़ोतरी

मध्य पूर्व में सऊदी अरब के बाद 2023 में सबसे ज्यादा सैन्य खर्च इजरायल का रहा। उसने 2022 के मुकाबले 24 फीसदी ज्यादा (27.5 अरब डॉलर) खर्च किए। ईरान मध्य पूर्व क्षेत्र में सबसे ज्यादा खर्च वाला चौथा देश है। उसने 10.3 अरब डॉलर का खर्च किए। ईरान में सेना पर होने वाला खर्च 2019 में 27 फीसदी था, जो अब बढक़र 37 फीसदी हो गया है।

सबसे ज्यादा सैन्य खर्च वाले शीर्ष 5 देश

  • 2023 2022
  1. यूएसए 916 877
  2. चीन 296 292
  3. रूस 109 86.4
  4. भारत 83.6 81.4
  5. सऊदी अरब 78.22 75(राशि अरब डॉलर में)