ओडिशा के पुरी जिले में अज्ञात हमलावरों ने एक नाबालिग लड़की को पेट्रोल और किरोसिन छिड़ककर जिंदा जला दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया। लड़की को गंभीर हालत में भुवनेश्वर के एम्स में भर्ती कराया गया है
ओडिशा के पुरी जिले में अज्ञात हमलावरों ने एक नाबालिग लड़की को बीच सड़क पर दिन दहाड़े पेट्रोल और किरोसिन छिड़ककर जला दिया।
19 जुलाई को हुई दर्दनाक वारदात के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है।
बलंगा थाना क्षेत्र के नुआगोपालपुर गांव में रहने वाली पीड़िता की मां महमूदा बीबी ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, लड़की को कथित तौर पर अज्ञात बदमाशों ने घेर लिया और उसकी हत्या करने के क्रूर प्रयास में उस पर पेट्रोल और मिट्टी का तेल छिड़क दिया।
हालांकि, पीड़िता किसी तरह से बच निकली और पास के एक घर में छिप गई। ग्रामीणों ने तुरंत मदद की। पीड़िता को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे जलने के गंभीर घावों के कारण एम्स भुवनेश्वर रेफर कर दिया गया।
अधिकारियों की टीम ने घटनास्थल की छानबीन की है और वरिष्ठ अधिकारी साक्ष्य संकलन की निगरानी कर रहे हैं। बलंगा के पुलिस अधीक्षक श्री दिव्य रंजन पांडा विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसका काम जांच में तेजी लाना और दोषियों को पकड़ना है।
अधिकारियों ने पीड़िता को न्याय दिलाने का वादा करते हुए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इससे पहले, ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की और इस भयावह घटना की निंदा की।
एक्स पर पटनायक ने पोस्ट किया कि यह जानकर बहुत दुख हुआ कि पुरी जिले के बलंगा इलाके में एक युवती को आग लगा दी गई। उसे दिनदहाड़े जान से मारने की कोशिश की गई। मैं इस जघन्य कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं।
पटनायक ने कहा कि यह एफएम कॉलेज में एक युवती द्वारा खुद को आग लगाने की भयावह घटना के ठीक एक हफ्ते के भीतर हुआ है, जब उसे न्याय नहीं मिला - हर दरवाजा खटखटाने के बाद भी।
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के खिलाफ ऐसी अकल्पनीय घटनाएं अब पूरे ओडिशा में लगभग रोजाना सामने आ रही हैं। ये हिंसा के छिटपुट मामले नहीं हैं।
चौंकाने वाली नियमितता के साथ हो रही ये घटनाएं शासन की गहरी व्यवस्थागत विफलता की ओर इशारा करती हैं। यह दर्शाता है कि वर्तमान सरकार के शासन में अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं और उन्हें सजा मिलने की कोई चिंता नहीं है।