
मीरा-भायंदर में ऐसे कई पोस्टर लगे हैं। (PC: FB)
Eknath Shinde Shiv Sena performance: नेताओं को आंकड़ों की बाजीगरी अच्छे से आती है। कब, कहां कितना जोड़ना-घटाना है और कब, क्या दिखाना है वे बखूबी जानते हैं। महाराष्ट्र के नगर पालिका चुनाव के बाद आंकड़ों का खेल शुरू हो गया है। भाजपा ने सभी कयासों को गलत साबित करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। जबकि ठाकरे ब्रदर्स और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को मनमाफिक परिणाम नहीं मिले हैं। हालांकि, इसके बावजूद सभी किसी न किसी तरीके से अपनी गोटी फिट करने में लगे हैं। इस बीच, मीरा-भायंदर में लगे पोस्टर्स लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इन पोस्टर्स में आंकड़ों की बाजीगरी साफ तौर पर नजर आ रही है।
मीरा-भायंदर में लगे पोस्टर्स में एकनाथ शिंदे गुट से महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री बने प्रताप सरनाईक (Pratap Sarnaik) जनता को शिवसेना के पक्ष में मतदान के लिए धन्यवाद दे रहे हैं। मंत्री सरनाईक की बड़ी फोटो वाले पोस्टर्स में लिखा है - शिवसेना को मतदाताओं ने 3,58,224 वोटों के साथ अपना आशीर्वाद दिया, उसके लिए उनका मनपूर्वक आभार। यह पोस्टर देखकर ऐसा लग रहा है कि ठाणे जिला के तहत आने वाली मीरा-भायंदर नगर पालिका में एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने शानदार प्रदर्शन किया है। जबकि हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। 95 सीटों वाली इस नगर पालिका में शिवसेना 22 से सिमटकर 3 पर आ गई है।
2017 के चुनाव में शिवसेना को 22 सीटें मिली थीं। उसके 22 पार्षद चुनकर आए थे। हालांकि, उस समय शिवसेना विभाजित नहीं थी, लेकिन इससे खास फर्क इसलिए नहीं पड़ता क्योंकि शिवसेना का असली चुनाव चिन्ह शिंदे के ही पास है। इसके अलावा, ठाणे उनका गढ़ समझा जाता है। इस खराब प्रदर्शन पर जरूरत है आत्ममंथन की, लेकिन प्रताप सरनाईक आंकड़ों की बाजीगरी में लगे हैं। उनके पोस्टर्स यही दर्शाने की कोशिश कर रहे हैं कि मीरा-भायंदर में पार्टी का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है। पहली नजर में तीन लाख वोटों का आंकड़ा बड़ा नजर आता है, लेकिन असलियत में यह शिवसेना के सभी उम्मीदवारों को मिले वोटों का टोटल है और उसके महज तीन उम्मीदवार ही जीत हासिल कर पाए हैं।
भाजपा ने यहां 78 सीटों पर जीत हासिल की है, जो पिछले चुनाव की तुलना में 17 ज्यादा हैं। वहीं, कांग्रेस के 13 उम्मीदवार चुनाव जीते हैं। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे गठबंधन को यहां भी बड़ा झटका लगा है। शिंदे के जीतने वाले उम्मीदवारों में वार्ड 11 से वंदना पाटिल, वार्ड 24 से शर्मिला बगाजी और डिमेलो फ्रीडा शामिल हैं। इसके अलावा, पार्टी को किसी भी सीट पर जीत नहीं मिली है। शिवसेना ने यहां 81 सीटों पर चुनाव लड़ा था। सियासी जानकारों का कहना है कि मीरा-भायंदर में शिवसेना के कमजोर प्रदर्शन के लिए कहीं न कहीं प्रताप सरनाईक भी जिम्मेदार हैं। चुनाव पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता के साथ उनकी जुबानी जंग सुर्खियों में रही थी। इसलिए अब आंकड़ों की बाजीगरी वाले पोस्टर लगवाकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
Updated on:
22 Jan 2026 02:11 pm
Published on:
22 Jan 2026 01:59 pm

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