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पेपर लीक को लेकर कानून लाएगी केंद्र सरकार, भरना होंगा 1 करोड़ का जुर्माना, जेल में कटेगी सारी जिंदगी

Public Examination Prevention of Unfair Means Bill: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) विधेयक, 2024 सोमवार को संसद में पेश किया जा सकता है।

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 modi government will bring law regarding paper leak Will spend whole life in jail paid  1 crore  fine

देश भर में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोकने और पारदर्शीता लाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार बजट सत्र के दौरान ही इससे जुड़ा विधेयक संसद में पेश कर सकती है। देश भर में होने वाले प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के बारे में खुद राष्ट्रपति ने चिंता वयक्त करते हुए अभिभाषण में पेपर लीक के खिलाफ कानून का जिक्र किया था। बता दें कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक को रोकने के लिए काफी कड़े फैसले लिए है।

मुन्ना भाई को 5 साल की जेल 10 लाख का जुर्माना

एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर किसी अभ्यर्थी के स्थान पर कोई मुन्ना भाई परीक्षा देता हुआ पकड़ा जाएगा या पेपर सॉल्व कराने, केंद्र के अलावा कहीं और परीक्षा आयोजित करने या परीक्षा से जुड़ी धोखेबाजी की जानकारी नहीं देने पर 3 से 5 सालों की सजा होगी। इसके साथ ही आरोपी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।

सर्विस प्रोवाइडर पर लगेगा 1 करोड़ का जुर्माना

नए बिल के तहत अगर कोई परीक्षा ऑनलाइन हो रही हो और उसका सर्विस प्रोवाइडर अगर गलत कामों में शामिल पकड़ा जाता है, तो उस पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लग सकता है। साथ ही उस पर 4 सालों के लिए परीक्षा आयोजित कराने पर भी रोक लग सकती है। ऐसी कंपनी का अगर शीर्ष प्रबंधन भी इस तरह के कामों में लिप्त पाया जाता है, तो 3 से 10 सालों की जेल और 1 करोड़ रुपये जुर्माना लगेगा।

कब पेश किया जाएगा बिल?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) विधेयक, 2024 सोमवार को संसद में पेश किया जा सकता है, लेकिन अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल में इस विधेयक को मंजूरी दी थी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित विधेयक में विद्यार्थियों को निशाना नहीं बनाया जाएगा, बल्कि इसमें संगठित अपराध, माफिया और साठगांठ में शामिल पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।

विधेयक में एक उच्च-स्तरीय तकनीकी समिति का भी प्रस्ताव है, जो कम्प्यूटर के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सिफारिशें करेगी। यह एक केंद्रीय कानून होगा और इसके दायरे में संयुक्त प्रवेश परीक्षाएं और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षाएं भी आएंगी। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस पूरे मुद्दे पर कहा था कि उनकी सरकार परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ी को लेकर युवाओं की चिंताओं से अवगत है। इस दिशा में सख्ती लाने के लिए नया कानून बनाने का निर्णय लिया गया है।

देश भर से सामने आ रही थी ऐसी घटनाएं

बता दें कि देश भर में पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले साल परीक्षा पत्र लीक होने के बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा, हरियाणा में ग्रुप-डी पदों के लिए साामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी), गुजरात में कनिष्ठ लिपिकों के लिए भर्ती परीक्षा और बिहार में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा समेत अन्य परीक्षाएं रद्द की गई थीं।

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