
भारी बारिश की चेतावनी (फाइल फोटो)
इस साल मानसून के सीजन में देशभर में जमकर बारिश हुई है। मानसूनी बारिश जारी रहने से देश भर में तापमान में गिरावट देखी गई है। भारी बारिश के चलते बांध, तलाब, नदियां और झील ओवर फ्लो हो रहे हैं। पहाड़ी राज्यों में बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। यहां बादल फटने जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं। पंजाब और जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी कुछ दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
आज राजस्थान के 26 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश को देखते हुए दौसा जिले में स्कूल बंद रखने का निर्देश दिया गया है। मौसम विभाग ने कहा कि मानसून ट्रफ वर्तमान में बीकानेर, जयपुर, दमोह, पेंड्रा रोड होते हुए बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है, जबकि एक अन्य ट्रफ लाइन हरियाणा और पंजाब के ऊपर से गुजर रही है। मौसम विभाग ने कहा कि बीते बुधवार को जयपुर, टोंक व अन्य जिलों में भारी बारिश हुई है। वहीं, पड़ोसी राज्य गुजरात के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने कहा कि बिहार में मानसून एकबार फिर से सक्रिय हो रहा है। विभाग ने आज पटना समेत 19 जिलों के लिए भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने कहा कि इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि नेपाल में लगातार हो रही बारिश की वजह से सुपौल में कोसी उफान पर है। जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
मौसम विभाग ने आज एमपी के 26 जिलों के लिए अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा कि राज्य में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर बना रहेगा। भोपाल, गुना, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, उज्जैन, इंदौर, रतलाम, धार, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते प्रशासन ने 7 सितंबर तक स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने 3 सितंबर को जारी आदेश में कहा है कि प्रदेश के सभी सरकारी और निजी कॉलेज और स्कूल (DIETs सहित) 7 सितंबर 2025 तक बंद रहेंगे। मौसम विभाग ने कहा कि आज कांगड़ा, कुल्लू और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना है। मानसूनी बारिश में राज्य को 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है, जबकि बारिश के चलते होने वाली दुर्घटनाओं में 150 से अधिक लोग मारे गए हैं।
पंजाब के सभी 23 जिलों में अब भी बाढ़ के हालात बने हैं। बाढ़ के कारण 35 से अधिक लोगों की मौत हुई है। 20000 से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया गया है। बाढ़ से 1,75,286 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है। दिल्ली में भी यमुना खतरे के निशान को पार कर गई है।
Updated on:
11 Sep 2025, 9:15 AM IST
Published on:
4 Sep 2025, 7:46 AM IST
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