मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 200 मीटर लंबा ‘मेक इन इंडिया’ स्टील ब्रिज राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (दिल्ली, मुंबई और चेन्नई को जोड़ने वाला) पर नाडियाड के पास लॉन्च किया जाएगा।
Mumbai-Ahmedabad Bullet Train:मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के लिए 200 मीटर लंबे ‘मेक इन इंडिया’ स्टील ब्रिज के पहले हिस्से को लॉन्च करने की पूरी तैयारी हो गई है। यह पुल गुजरात में नाडियाड के पास नेशनल हाईवे-48 पर स्थापित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि अगस्त 2025 तक इस पूल को तैयार कर लिया जाएगा। आपको बता दें कि यह बुलेट ट्रेन परियोजना 508 किलोमीटर लंबी है। इसका 352 किलोमीटर हिस्सा गुजरात में और 156 किलोमीटर भाग महाराष्ट्र में पड़ता है। यह बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद तक चलने वाली है।
एमएएचएसआर परियोजना में कुल 28 स्टील ब्रिज की योजना बनाई गई है। इनमें से 11 स्टील ब्रिज महाराष्ट्र में और 17 गुजरात में हैं। गुजरात में रेलवे/डीएफसीसी पटरियों, राजमार्गों और भिलोसा उद्योग सहित छह स्टील ब्रिज का सफलतापूर्वक निर्माण किया जा चुका हैं। इस स्टील ब्रिज का पहला स्पैन मार्च 2025 में लॉन्च करने और अगस्त 2025 तक पूरा करने की योजना है।
—ब्रिज में 100-100 मीटर के दो स्पैन हैं और इसे राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (दिल्ली, मुंबई और चेन्नई को जोड़ने वाला) पर नाडियाड के पास लॉन्च किया जाएगा।
—14.3 मीटर चौड़ा और 14.6 मीटर ऊंचा, यह स्टील ब्रिज लगभग 1500 मीट्रिक टन वजनी है और इसे उत्तर प्रदेश के हापुड़ के पास सालासर कार्यशाला में तैयार किया गया है।
— स्टील के हिस्सों को जोड़ने का काम टोर शियर टाइप हाई स्ट्रेंथ बोल्ट (TTHSB) का इस्तेमाल करके किया जाता है, जिसे 100 साल के जीवनकाल के लिए डिजाइन किया गया है।
— ब्रिज के हिस्सों को C-5 सिस्टम पेंटिंग से पेंट किया गया है, जो भारत में अपनी तरह का पहला है।
— स्टील ब्रिज राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और रेलवे लाइनों को पार करने के लिए सबसे उपयुक्त हैं, जबकि 40 से 45 मीटर तक फैले प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट ब्रिज नदी के पुलों सहित अधिकांश खंडों के लिए उपयुक्त हैं।
— भारत के पास भारी मालवाहक और अर्ध-उच्च गति वाली रेलगाड़ियों के लिए स्टील पुल बनाने की विशेषज्ञता है, जो 100 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलती हैं। अब, स्टील गर्डरों के निर्माण में यही विशेषज्ञता एमएएचएसआर कॉरिडोर पर भी लागू की जाएगी, जिसकी परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटे होगी।